विशाल झा / गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पूजा करना वर्जित है. अगर आपकी ईश्वर में आस्था है और आप तिलक लगाकर बाहर निकलना चाहते है तो सावधान हो जाइए. दरअसल, गाजियाबाद में अब रावण का राज शुरू हो चुका है जो दशहरा तक मौजूद रहेगा. गाजियाबाद की सबसे प्राचीन रामलीला सुल्लामल रामलीला द्वारा इस प्रकार की यात्रा निकाली जाती है. जिसको संदेश यात्रा कहा जाता है. इस यात्रा में खूब ढोल-नगाड़े बजाए जाते है. इसके साथ ही जहां से भी यह यात्रा होकर गुजरती है वहां प्रसाद वितरण भी किया जाता है. रामलीला मंजन शुरू होने से पहले रावण का यह दूत चिल्ला-चिल्लाकर नगर वासियों को डराता है.सुल्लामल रामलीला समिति के वरिष्ठ सदस्य मनीष सैनी ने बताया कि कई वर्षों से इस प्रकार की यात्रा निकाली जा रही है. इस यात्रा में काफी भीड़ शामिल होती है. लोग अपने फोन से रावण के दूत का संदेश भी रिकॉर्ड करते हैं. कई बार रावण के दूत के साथ सेल्फी खींचने के लिए बच्चे और महिलाओं की भीड़ उमड़ जाती है. शहर के पुराने बाजारों में काफी जाम लगता है और गाली भी संकरी है. इसलिए पुलिस प्रशासन की मदद ली जाती है. जिसमें ट्रैफिक पुलिस महत्वपूर्ण रूम से यात्रा को गाइडकरती है.रावण का दूत नगर वासियों को डराता हैइस यात्रा में संदेश देने के पीछे का मकसद यह होता है कि नगर वासियों को पता लग जाए कि अब सुल्लामल रामलीला शुरू होने वाली है. जिससे कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग आकर प्रभु राम कीअद्भुत और सम्मानीय लीला का हिस्सा बन सके. इस बार सुल्लामल रामलीला समिति द्वारा स्टेज को आकर्षित बनाने के लिए एलइडी लाइट्स बढ़ा दी गई है. इन सभी लाइट पर पहाड़, नदिया महल देखने को मिलेंगे जो मंच पर चल रही रामलीला में जान डाल देंगे..FIRST PUBLISHED : October 10, 2023, 11:26 IST
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