Uttar Pradesh

सिर्फ 50 रुपये से शुरू किया काम, आज लाखों में हो रही कमाई… गजब की है मुरादाबाद के लईक अहमद की कहानी

यूपी का मुरादाबाद पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है. यहां के पीतल के उत्पाद देश-विदेश तक एक्सपोर्ट होते हैं. इसी शहर के शिल्पगुरु लईक अहमद पिछले 50 साल से पीतल की नकाशी का काम कर रहे हैं. 10 साल की उम्र में शुरू किया यह हुनर आज उन्हें शिल्पगुरु सम्मान दिला चुका है. मुस्लिम समुदाय से होने के बावजूद वह हिंदू देवी-देवताओं की पूजा से जुड़े पीतल उत्पाद बनाते हैं.

लईक अहमद ने बताया कि वह 10 साल की उम्र से नकाशी का काम कर रहे हैं. अब उनकी उम्र 62 वर्ष हो चुकी है और इसी नकाशी के क्षेत्र में उन्हें कई जगह से अवार्ड भी मिल चुका है. जगह-जगह से सम्मानित भी हो चुका है. इसके साथ ही उन्हें शिल्पगुरु अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है. उन्होंने कहा कि वह पीतल के विभिन्न उत्पाद बनाते हैं, जिसमें पूजा के भी उत्पाद शामिल हैं. इसके साथ ही वह अपने उत्पाद पर बारीक से बारीक नकाशी कर उसे तैयार करते हैं और पूजा के भी सभी आर्टिकल पर अलग-अलग तरह की नकाशी कर सेल करते हैं।

लईक अहमद ने बताया कि जब उन्होंने कारोबार शुरू किया था तो 50 रुपए कमाते थे. लेकिन वर्तमान स्थिति की बात की जाए तो लाखों रुपए की आमदनी हो जाती है. उनके उत्पाद की बहुत अच्छी डिमांड रहती है. लईक अहमद की कहानी एक प्रेरणादायक कहानी है, जो हमें यह सिखाती है कि हुनर और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

You Missed

authorimg
Uttar PradeshMar 6, 2026

आठ दशक पुरानी इस दुकान में बनती है कमाल की शेरवानी, राष्ट्रपति तक हैं मुरीद, विदेशों से आते हैं ऑर्डर

अलीगढ़ की शेरवानी ने राष्ट्रपति भवन तक अपनी जगह बना ली है। यहां रॉयल, वेडिंग, जोधपुरी, इंडो-वेस्टर्न और…

Need to Make Indian Agri Products Export-Oriented, Globally-Competitive: Modi
Top StoriesMar 6, 2026

भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक प्रतिस्पर्धी और निर्यातक के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है: मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को किसानों से कहा कि वे भारत की विविध जलवायु परिस्थितियों…

authorimg
Uttar PradeshMar 6, 2026

अमेरिका-इज़राइल-ईरान तनाव का मेरठ पर असर, स्पोर्ट्स सामान का करोड़ों का माल बीच रास्ते में फंसा, जानिए मामला

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी दिखने लगा है.…

Scroll to Top