गंभीर COVID-19 वायरस से कैंसर का इलाज हो सकता है. इस बात का दावा जर्नल ऑफ क्लिनिकल इन्वेस्टिगेशन में प्रकाशित हुए एक स्टडी में किया जा रहा है. इस शोध में यह पाया गया कि COVID-19 के दौरान शरीर में उत्पन्न होने वाली एक विशेष प्रकार की वाइट ब्लड सेल्स जिसे मोनोसाइट्स कहा जाता है, कैंसर कोशिकाओं को खत्म कर सकती है.
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि लोगों को जानबूझकर COVID-19 से संक्रमित होने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है. लेकिन स्टडी पता चलता है कि हमारी इम्यून सिस्टम को एक प्रकार के खतरों से प्रशिक्षित करके उसे अन्य बीमारियों, जैसे कि कैंसर, से लड़ने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
कोविड-19 और कैंसर के बीच का कनेक्शन
इस स्टडी में वैज्ञानिकों ने COVID-19 के दौरान पैदा होने वाली एक खास प्रकार की मोनोसाइट्स पर फोकस किया. यह शरीर को संक्रमण और अन्य खतरों से बचाने का काम करती हैं. यह मोनोसाइट्स वायरस से लड़ने के लिए प्रशिक्षित होती हैं, लेकिन वे कैंसर कोशिकाओं को भी नष्ट करने की क्षमता बनाए रखती हैं.
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कैसे काम करता है यह सिस्टम?
शोधकर्ताओं ने माउस मॉडल का उपयोग करते हुए यह परीक्षण किया, जिसमें म्यूटेशन वाले कैंसर जैसे मेलानोमा, फेफड़े, स्तन और कोलन कैंसर के चार प्रकार शामिल थे. इन माउस को एक दवा दी गई, जो COVID-19 के गंभीर संक्रमण के दौरान उत्पन्न होने वाली इम्यून प्रतिक्रिया को उत्तेजित करती है. इस दवा के प्रभाव से, विशेष मोनोसाइट्स उत्पन्न हुईं, और परिणामस्वरूप, माउस के ट्यूमर सिकुड़ने लगे.
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आशा की किरण
इस स्टडी के रिजल्ट एक नई रणनीति को उजागर करता है, जो उन रोगियों के लिए मददगार हो सकती है, जो पारंपरिक इम्यूनोथेरेपी से प्रतिक्रिया नहीं करते. हालांकि, यह अध्ययन माउस पर आधारित था, और अब इसे मानवों पर परीक्षण करने की आवश्यकता है. यह शोध केवल COVID-19 और कैंसर तक सीमित नहीं है। यह हमारे इम्यून सिस्टम को एक खतरे से प्रशिक्षित कर उसे अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए सक्षम बनाने के विचार को भी बढ़ावा देता है.
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