Uttar Pradesh

UP से तमिलनाडु जाता था युवक, खर्च करने वाला था 1 करोड़, खुल गया राज, अब आगरा में उतरी 17 अफसरों की टीम

आगरा में नकली दवाइयों का भंडाफोड़, 3.50 करोड़ की नकली दवाइयों का पर्दाफाश

आगरा में एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां ड्रग विभाग और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने नकली दवाइयों के धंधे पर नकेल कसने के लिए कार्रवाई की है. इस दौरान दवा बाजार में स्थित दुकानों और गोदामों पर सख्ती से जांच की गई है. जांच के दौरान करीब 3.50 करोड़ की नकली दवाइयों का खुलासा हो चुका है. इन दवाओं की सप्लाई तमिलनाडु से आगरा में की जाती थी.

ड्रग विभाग की टीमों ने सील किए गए गोदाम और दुकानों को खोलकर दवाइयों की जांच शुरू की. बताया जा रहा है कि गोदाम में करोड़ों की दवाइयां रखी हुई हैं. अब यह जांच की जा रही है कि ये दवाइयां असली हैं या नकली. कार्रवाई में लगभग 15 से 17 अधिकारी लगातार जुटे हुए हैं.

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आगरा एसटीएफ और ड्रग विभाग ने तमिलनाडु के अधिकारियों से भी संपर्क साधा है, ताकि पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके. एसटीएफ और ड्रग विभाग ने हेमा मेडिकल और बंसल मेडिकल के ठिकानों पर छापा मारा था. जांच के दौरान हेमा मेडिकल का मालिक हिमांशु भी पकड़ा गया. आरोप है कि हिमांशु ने अधिकारियों को कार्रवाई रोकने के लिए एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की.

हिमांशु की रिश्वत देने की पेशकश नाकाम रही और पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से मिले एक करोड़ रुपये इनकम टैक्स विभाग को जमा कराए गए. कानूनी कार्रवाई करते हुए हिमांशु को जेल भेज दिया गया है.

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