उत्तर प्रदेश वित्त मंत्री सुरेश खन्ना आज दोपहर 11 बजे विधानसभा में बजट पेश करेंगे. यह बजट योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट है, क्योंकि 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. बताया जा रहा है कि बजट का आकार करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो पिछले बजट से काफी अधिक होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें बजट प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी. इसके बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना दोपहर 11 बजे विधानसभा में बजट पेश करेंगे. इस बजट में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को प्रमुख प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है. साथ ही औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिला एवं युवा सशक्तिकरण पर विशेष जोर रहेगा।
पूर्वांचल-बुंदेलखंड को विशेष बजट बजट में पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अन्य पिछड़े क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान किए जाने की उम्मीद है, ताकि क्षेत्रीय असमानता कम हो सके. सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के भरण-पोषण के लिए धनराशि में बढ़ोतरी हो सकती है. इसके अलावा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में संभावित वृद्धि से लाखों शिक्षकों को लाभ मिल सकता है।
कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर कैबिनेट बैठक में अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लग सकती है, जैसे यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन) से जुड़े प्रोजेक्ट, लखनऊ मेट्रो के निर्माण एवं संचालन से संबंधित योजनाएं, गौतम बुद्ध विकास प्राधिकरण की संपत्तियों के विकास एवं आवंटन, तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों से जुड़े मामले. आयुष विभाग की CAG रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने का प्रस्ताव भी मंजूर किया जा सकता है. चर्चा में चित्रकूट लिंक परियोजना की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल और बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड द्वारा लखीमपुर में नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट जैसे प्रस्ताव भी शामिल होंगे, जो औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे.
वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य यह बजट राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है. सरकार का फोकस विकास, सुशासन और जनकल्याण पर बना हुआ है, जिससे किसानों, युवाओं, महिलाओं और पिछड़े वर्गों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है. बजट पेश होने के बाद विधानसभा में इसकी विस्तृत चर्चा होगी, जो राज्य की आर्थिक दिशा तय करने में निर्णायक साबित होगी।
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि बजट हर वर्ग के लिए होगा. मुख्य फोकस तकनीक युक्त रोजगार से है. पढ़ाई के साथ तकनीक बहुत जरूरी है. हमारे लिए हर दिन चुनाव है, क्योंकि हम जनता के बीच रहते हैं. जो चारों साल दिखाई पड़ता है वह बजट में दिखाई देता है. बजट में जनसामान्य की आकांक्षाएं हैं. विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, सभी लोग स्वीकार करते हैं आज कानून व्यवस्था बेहतर है. कौन सी बात कब कहां कही जाती है जब सलीका हो तो हर बात सुनी जाती है.

