Last Updated:July 31, 2025, 00:47 ISTश्रावण मास में ठाकुर मंदिर द्वारकाधीश में गोस्वामी श्री श्री 108 डॉक्टर वागिश कुमार जी महाराज के निर्देशन में हिंडोले और घटाओं के कार्यक्रम होते हैं. ठाकुर जी फल-फूल के हिंडोले में विराजमान हुए. श्रावण मास में हिंडोले और घटाओं के कार्यक्रम ठाकुर मंदिर द्वारकाधीश में होते हैं, जिनका निर्धारण मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 डॉक्टर वागिश कुमार जी महाराज तृतीय पीठाधीश्वर कांकरोली नरेश जी के द्वारा किए जाते हैं. उनके सफल निर्देशन में मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 कांकरोली युवराज वेदांत कुमार जी महाराज एवं सिद्धांत कुमार जी महाराज के द्वारा किया जाता है. उसी के तहत आज सावन शुक्ल पक्ष के दिन ठाकुर द्वारिकाधीश जी महाराज फल-फूल के हिंडोले में विराजमान हुए. यह क्रम पूरे सावन मास में निरंतर जारी रहेगा. कल ठाकुर जी आसमानी घटा में विराजमान होंगे. इस दौरान तिथि, घड़ी और नक्षत्र के अनुसार सावन में घटाओं के आयोजन होते हैं. घटा के दिन निम्न परिवर्तन दर्शन के समय में किया गया है. एक झांकी दर्शनार्थियों के लिए बढ़ाई गई है. जिसमें निम्न प्रकार दर्शन रहेंगे— जिस दिन घटा होगी, उस दिन सांयकाल के दर्शन का समय यह रहेगा: 4:50 से 5:05 तक पहली झांकी और दूसरी झांकी 5:45 से 6:00 बजे तक. उसके बाद 7:00 बजे से 8:00 बजे तक निरंतर घटा के दर्शन होंगे. लोकल 18 से बातचीत के दौरान मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंदिर में समय-समय पर घटाओं का कार्यक्रम किया जाता है. भगवान श्रीकृष्ण यहां बाल रूप में विराजमान हैं. पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में भगवान को लाड़ लड़ाने की परंपरा होती है. ठाकुर जी को फल और फूलों के हिंडोले में विराजमान किया गया. दर्शन कर श्रद्धालु अपने आप को धन्य कर रहे हैं. मंदिर का वातावरण भगवान द्वारकाधीश के जयकारों से गूंज उठा.homeuttar-pradeshश्रावण के शुभ दिन ठाकुरजी ने हिंडोले में दिए दर्शन, मंदिर में गूंजे जयकारे
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