Uttar Pradesh

सहारनपुर में आज भी बनते हैं राजसी ठाठ-बाट वाले बेड, जिनकी अमेरिका, साउथ अफ्रीका से लेकर सऊदी तक है डिमांड!

Last Updated:April 20, 2025, 19:41 ISTSaharanpur Wood Carving: सहारनपुर के वुड कार्विंग फर्नीचर की मांग भारत और विदेशों में बढ़ रही है. मोहम्मद सावेज के हबीबा वुड्स में बने बेड अमेरिका, साउथ अफ्रीका, कतर, कुवैत, सऊदी अरब तक जाते हैं.X

विदेश के लोगों को भी खूब पसंद आते हैं सहारनपुर में तैयार होने वाले बैडहाइलाइट्ससहारनपुर के वुड कार्विंग फर्नीचर की विदेशों में भी मांग है.राजवाड़ा लुक वाले बेड विशेष ऑर्डर पर बनाए जाते हैं.हबीबा वुड्स के बेड अमेरिका, सऊथ अफ्रीका, कतर, कुवैत भेजे जाते हैं.Saharanpur Wood Carving: सहारनपुर जिले के वुड कार्विंग फर्नीचर पर एक कहावत पूरी तरह फिट बैठती है – “हुनर को मिला सम्मान तो बढ़ गए कदरदान.” यहां की फर्नीचर कारीगरी का न सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में भी खूब शौक है. सहारनपुर के खाता खेड़ी वुड कार्विंग फर्नीचर बाजार में 150 से ज्यादा छोटी-बड़ी दुकानें हैं, जहां शानदार सोफे, आकर्षक डाइनिंग टेबल, लक्जरी पलंग, सुंदर ड्रेसिंग टेबल और घर की शोभा बढ़ाने वाले कुर्सी व सेंट्रल टेबल मिलते हैं.

यहां पर खासकर राजवाड़ा लुक वाले बेड और खूबसूरत नक्काशी के साथ तैयार किए गए बेड विशेष ऑर्डर पर बनाए जाते हैं. कभी सिर्फ राजाओं और महाराजाओं तक सीमित रहने वाला यह नक्काशीदार फर्नीचर अब आम घरों की शान बन चुका है. खासकर सहारनपुर में तैयार किए जाने वाले लड़कियों के लिए नक्काशी किए गए बेड देशभर से ऑर्डर किए जाते हैं, और आजकल तो लोग अपनी लड़कियों की शादी में भी ये बेड दहेज में देने लगे हैं.

सहारनपुर में होते हैं तैयार, दुनिया भर में है डिमांडहबीबा वुड्स के मालिक मोहम्मद सावेज ने लोकल 18 से बातचीत में बताया, पूरे हिंदुस्तान में केवल सहारनपुर में लड़कियों पर हाथ से नक्काशी की जाती है. मोहम्मद सावेज ने कहा कि उनके पिताजी ने इस काम को शुरू किया था, लेकिन अब वह पिछले 15 साल से खुद इसे संभाल रहे हैं. वे फर्नीचर में बेड, सोफा, डाइनिंग टेबल, अलमारी आदि बनाते हैं.अगर बेड की बात करें, तो सहारनपुर में आज भी राजा-महाराजाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले बेड तैयार किए जाते हैं. इन बेड को बनाने के लिए सबसे पहले सागवान या शीशम की लकड़ी का चयन किया जाता है. इसके बाद लकड़ी को आरा मशीन से काटकर, उस पर हाथ से नक्काशी की जाती है, फिर अलग-अलग पार्ट्स को जोड़कर पॉलिश किया जाता है. एक गोल बेड तैयार करने में 30 से 50 दिन का समय लगता है. इन बेड्स को न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी काफी पसंद किया जाता है.

क्वालिटी है एक दम हाई मोहम्मद सावेज बताते हैं कि अब तक उनके यहां तैयार हुए बेड अमेरिका, साउथ अफ्रीका, कतर, कुवैत, सऊदी अरब जैसे देशों में भेजे जा चुके हैं. हालांकि लोग वुड कार्विंग वाले बेड को महंगा मानते हैं, लेकिन असल में इनकी कीमत बहुत कम होती है, सिर्फ 25 हजार रुपये से ही बेड की शुरुआत होती है. खास बात यह है कि ये बेड लाइफटाइम चलते हैं. अब लोग इन बेड्स को घर बैठे भी ऑर्डर कर सकते हैं और होम डिलीवरी के जरिए अपने घर भी मंगवा सकते हैं.
Location :Saharanpur,Uttar PradeshFirst Published :April 20, 2025, 19:33 ISThomeuttar-pradeshसहारनपुर में आज भी बनते हैं राजसी ठाठ-बाट वाले बेड, विदेशों तक है डिमांड!

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