पीरियड्स को लेकर आज भी कई सारी बातों और उनकी गंभीरता को छिपाया जाता है. इसमें पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द भी शामिल है. ‘ऐसा सबके साथ होता है’ यदि आपने भी पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को लेकर महिलाओं से ऐसी बातें सुनी है और इस पेन के साथ जीने की कोशिश कर रही हैं तो सावधान हो जाइए.
क्योंकि पीरियड्स में होने वाला ऐसा दर्द जो आपको उठने-बैठने में परेशान करे बिलकुल भी सामान्य नहीं है. यह दर्द शरीर में पल रही किसी बीमारी का संकेत हो सकती है. यहां हम आपको इसके 6 संभावित कारणों यहां बता रहे हैं-
एंडोमेट्रियोसिस
ये एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भाशय की आंतरिक परत (एंडोमेट्रियम) ऊतक शरीर के बाहर, जैसे कि फैलोपियन ट्यूब या अंडाशय पर बढ़ने लगता है. इससे पीरियड्स के दौरान बहुत तेज दर्द हो सकता है.
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम
पीसीओएस एक हार्मोनल असंतुलन है जो अनियमित पीरियड्स और मोटे दानेदार अंडाशय का कारण बन सकता है. इससे भी पीरियड्स में दर्द हो सकता है.
गर्भाशय फाइब्रॉएड
ये गर्भाशय की दीवार पर होने वाली गांठ होती हैं जो मांसपेशियों और संयोजी ऊतक से बनी होती हैं. ये गांठ पीरियड्स के दौरान तेज दर्द पैदा कर सकती हैं
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एडेनोमायोसिस
ये एक ऐसी स्थिति है जहां गर्भाशय की आंतरिक परत (एंडोमेट्रियम) का ऊतक गर्भाशय की मांसपेशीय दीवार में बढ़ने लगता है. इससे पीरियड्स के दौरान भारी रक्तस्राव और दर्द हो सकता है.
सर्वाइकल स्टेनोसिस
गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) का संकुचित होना सर्वाइकल स्टेनोसिस कहलाता है. ये स्थिति पीरियड्स के दौरान खून के बाहर निकलने में बाधा डाल सकती है जिससे दर्द हो सकता है.
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