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रोहित से सरफराज के पिता की इमोशनल अपील- ‘सर ध्यान रखना …’, हिटमैन बोले- ‘हां, बिल्कुल’| Hindi News



India vs England 3rd Test: सरफराज खान के डेब्यू के मौके पर उनके पिता नौशाद खान बेहद इमोशनल हो गए और अपने आंसू नहीं रोक पाए. इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में जारी तीसरे टेस्ट मैच में डेब्यू के बाद सरफराज खान नम आंखों के साथ अपने पिता और पत्नी की ओर दौड़े और दोनों को गले लगा लिया. भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने भी सरफराज के पिता नौशाद खान और उनकी पत्नी को बधाई दी. इस भावुक पल के दौरान नौशाद खान ने टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा से अपने बेटे सरफराज खान का ध्यान रखने के लिए कहा. 
रोहित से सरफराज के पिता की इमोशनल अपीलसोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सरफराज खान और उनकी पत्नी भारतीय कप्तान रोहित शर्मा से मिलते नजर आ रहे हैं. रोहित शर्मा ने मैदान पर सरफराज के पिता नौशाद खान और सरफराज की पत्नी से भी हाथ मिलाया. सरफराज खान के डेब्यू के मौके पर रोहित शर्मा ने इन दोनों को बधाई दी. नौशाद खान ने कप्तान रोहित शर्मा से सरफराज खान को लेकर कहा, ‘सर ध्यान रखिएगा उसका.’  रोहित शर्मा ने इसके जवाब में कहा, ‘हां, बिल्कुल, हम ये बात समझते हैं और सभी जानते हैं कि आपने सरफराज खान के लिए कितनी कड़ी मेहनत की है.’

सरफराज ने 62 रन की तेजतर्रार पारी खेली
बता दें कि नौशाद खान भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन सरफराज की पत्नी के साथ निरंजन शाह स्टेडियम में मौजूद रहे. अपने बेटे को भारतीय कैप लेते हुए देखकर नौशाद की आंखों से आंसू निकल आए. सरफराज ने पदार्पण करते हुए 62 रन की तेजतर्रार पारी खेली. नौशाद हालांकि इस मैच के लिए यहां नहीं आने वाले थे और उनके यहां आने में सूर्यकुमार की अहम भूमिका रही. नौशाद ने मैच के इतर खुलासा किया कि सूर्यकुमार के संदेश ने उन्हें राजकोट आने के लिए मनाया.
सरफराज के पिता का दिल पिघल गया
नौशाद खान ने कहा, ‘शुरुआत में मैंने सोचा कि मैं नहीं आऊंगा क्योंकि इससे सरफराज पर किसी तरह का दबाव पड़ सकता है और इसके अलावा मुझे थोड़ी सर्दी भी लगी थी, लेकिन सूर्या के संदेश से मेरा दिल पिघल गया.’ नौशाद ने भारत के सर्वश्रेष्ठ टी20 बल्लेबाज सूर्यकुमार का संदेश पढ़ते हुए कहा, ‘मैं आपकी भावनाओं को समझ सकता हूं, लेकिन विश्वास कीजिए जब मैंने टेस्ट डेब्यू किया (पिछले साल मार्च में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) और मुझे मेरी टेस्ट कैप मिल रही थी तो मेरे पिता और मां मेरे पीछे खड़े थे.’
‘यह लम्हे बार-बार नहीं आते’
नौशाद खान ने कहा, ‘और यह लम्हा बेहद खास था. यह लम्हे बार-बार नहीं आते. इसलिए मैं आपको सुझाव देता हूं कि आप जरूर जाओ.’ यह संदेश मिलने के बाद नौशाद ने राजकोट की यात्रा करने का इंतजाम किया. उन्होंने कहा, ‘सूर्या का यह संदेश मिलने के बाद मैं खुद को आने से नहीं रोक पाया. गोली खाई और कल यहां आ गया.’ 



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