Uttar Pradesh

बिना कानूनी कार्रवाई के खाता फ्रीज किया तो… हाईकोर्ट ने बैंकों को दी हिदायत, कहा- क्रिमिनल परिणामों का करना होगा सामना

Last Updated:January 29, 2026, 23:28 ISTअपराधियों व किसी भी व्यक्ति के खातों को फ्रीज करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त टिप्पणी की है और आदेश देते हुए कहा है कि बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए बैंक खाते फ्रीज न करें. कोई भी बैंक पुलिस के अनुरोध मात्र पर बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए किसी व्यक्ति या संस्था के बैंक खाते को फ्रीज न करें. ऐसा करने पर बैंक को सिविल और क्रिमिनल परिणामों का सामना करना होगा.इलाहाबाद हाईकोर्टलखनऊः अपराधियों व किसी भी व्यक्ति के खातों को फ्रीज करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त टिप्पणी की है और आदेश देते हुए कहा है कि बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए बैंक खाते फ्रीज न करें. कोई भी बैंक पुलिस के अनुरोध मात्र पर बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए किसी व्यक्ति या संस्था के बैंक खाते को फ्रीज न करें. ऐसा करने पर बैंक को सिविल और क्रिमिनल परिणामों का सामना करना होगा. हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी खालसा मेडिकल स्टोर की ओर से दाखिल याचिका पर आदेश जारी करते हुए की. याची के एक्सिस बैंक के अकाउंट को हैदराबाद की राचकोंडा पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 94 और 106 के तहत नोटिस जारी करने के बाद फ्रीज कर दिया गया था. साईबर फ्रॉड की रकम याची के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी.

बैंक के अधिवक्ता ने स्वीकार किया नवंबर 2025 में उन्हें डेबिट फ्रीज का नोटिस मिला. लेकिन कोई औपचारिक ज़ब्ती आदेश या किसी ख़ास रकम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई, जिसे फ्रीज किया जाना था. कोर्ट ने कहा कि  बैंक को जारी किए गए नोटिस में किसी भी राशि का ज़िक नहीं किया गया है. इसके अलावा बैंक की ओर अनुरोध किए जाने के बावजूद न तो एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराई गई और न ही कोई विधिवत् ज़ब्ती आदेश बैंक को प्रदान किया गया, ऐसे हालात में याची के खाते को फ्रीज नहीं रखा जा सकता. हाईकोर्ट ने संबंधित बैंक खाते को तत्काल डीफ्रीज करने का आदेश दिया.

कोर्ट ने कहा कि बैंक खाता फ्रीज करने की सूचना विवेचक को तत्काल बैंक या भुगतान सेवा प्रणाली के नोडल अफसर को भेजी जानी चाहिए ताकि वो अपने स्तर पर जरूरी कार्यवाही कर सकें. जैसे ही किसी बैंक को खाता ब्लॉक करने की सूचना भेजी जाती है तो बैंक को ये सूचना 24 घंटे के भीतर संबंधित क्षेत्राधिकार के न्यायिक मजिस्ट्रेट को भी भेजनी चाहिए.
About the AuthorPrashant Raiप्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ेंLocation :Allahabad,Uttar PradeshFirst Published :January 29, 2026, 23:28 ISThomeuttar-pradeshबिना कानूनी कार्रवाई के खाता फ्रीज किया तो… हाईकोर्ट ने बैंकों को दी हिदायत

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