Uttar Pradesh

पुण्य के चक्कर में आप भी तो नहीं कर रहे ये घोर पाप…पड़ जाएंगे लेने के देने, दोनों के लिए खतरा

Last Updated:August 06, 2025, 22:29 ISTPilibhit Tiger Reserve : ये काम अच्छा तो है लेकिन हर जगह नहीं. मदद भी जगह देखकर करें. हर जगह ऐसा करना मुसीबत खड़ी कर सकता है. पीलीभीत की जंगलों में तो बिल्कुल भी ऐसा न करें. यहां ये अपराध है.पीलीभीत. भारतीय सभ्यता में परोपकार को सबसे बड़ा कर्म माना जाता है. बेजुबानों की मदद करने से सदियों से पुण्य मिलता रहा है. मगर कई बार जाने-अनजाने हम पुण्य कमाने के चक्कर में पाप कर बैठते हैं. हमारी सभ्यता में प्रकृति और उससे जुड़े तत्वों को अलग-अलग रूपों में पूजा जाता है. पेड़ हो या पशु-पक्षी, सब का अपना धार्मिक महत्त्व है. हनुमान जी को चिरंजीवी माना जाता है. पशुओं में वानर को हनुमान के रूप में पूजा जाता है. इस वजह से भी हर कोई अपनी सामर्थ्य के अनुसार हनुमान जी के स्वरूप वानरों की सेवा करता है.

ऐसा न करें

अधिकांश लोग वानरों को भोजन कराना बेहद ही पुण्य का काम मानते हैं. अपने घरों की छतों आदि पर तो ऐसा करना काफी हद तक ठीक है, लेकिन बंदरों के प्राकृतिकवास स्थलों (जंगलों) में जा कर भोजन देना उनके लिए ही जानलेवा साबित हो जाता है. यूपी के पीलीभीत के जंगली रास्तों पर लोग बंदरों के लिए भोजन रख देते हैं. मंगलवार और शनिवार को तो शहर के कई लोग समय निकाल कर इस काम के लिए जंगल में जाते हैं. ऐसा न करें. ऐसा करना बंदरों समेत मासूम जंगली जानवरों और दोपहिया वाहनों से गुजर रहे राहगीरों के लिए हादसे का सबब बन रहा है. इससे जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

कई दुष्प्रभाव

लोकल 18 से पीलीभीत के वरिष्ठ वन्यजीव एक्सपर्ट डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री बताते हैं कि बंदरों के लिए जंगल में भोजन रखने के कई दुष्प्रभाव हैं, जिसमें सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष प्रमाण है सड़क हादसे. आमतौर पर जंगल मार्गों के किनारे बंदरों का झुंड नजर आता है जो आसानी से उपलब्ध भोजन की आस में इकठ्ठे होते हैं. कई बार ये बेजुबान तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाते हैं. कई बार हाथ में भोजन देख वे राहगीरों पर झपटते हैं, जिससे राहगीर भी हादसों का शिकार होते हैं.

लगवाए जाएंगे साइन बोर्ड 

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि जंगली रास्तों पर रुकना या वहां भोजन डालना या दूसरे ढंग से गंदगी करना कानूनन अपराध है. इसे लेकर विभाग की ओर से कदम भी उठाए जाते हैं. इस बारे में लोगों से भी अपील की जाती है. जंगली जानवरों को भोजन न कराने के लिए जागरूक करने के मकसद से जल्द ही साइन बोर्ड लगवाए जाएंगे. ऐसा करते पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी.Location :Pilibhit,Uttar PradeshFirst Published :August 06, 2025, 22:29 ISThomeuttar-pradeshपुण्य के चक्कर में आप भी तो नहीं कर रहे ये घोर पाप…पड़ जाएंगे लेने के देने

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