Uttar Pradesh

PM मोदी से मिली प्रेरणा…पति-पत्नी ने नौकरी छोड़ शुरू किया चाय बेचने का काम, बदल गई किस्मत

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्ष और मेहनत की मिसाल है. चाय बेचकर जीवन की शुरुआत करने वाले नरेंद्र मोदी आज देश के प्रधानमंत्री हैं. उनकी यही कहानी सहारनपुर के एक शादीशुदा जोड़े के लिए प्रेरणा बन गई. पीएम मोदी से प्रेरित होकर इस दंपती ने प्राइवेट नौकरी छोड़ चाय का ठेला लगाकर यह साबित कर दिया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता.

प्राइवेट नौकरी में था तनाव, आमदनी भी नहीं थी पर्याप्त

यह कहानी सहारनपुर के शारदा नगर की रहने वाली डिम्पी और उनके पति गौरव कुमार की है. डिम्पी मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं और करीब 11 साल पहले उनकी शादी सहारनपुर निवासी गौरव कुमार से हुई थी. शादी के बाद दोनों ने प्राइवेट नौकरी करना शुरू किया. डिम्पी मारुति सुजुकी कंपनी में काम करती थीं, जबकि गौरव भी एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे. हालांकि, दोनों दिन-रात मेहनत करते थे, लेकिन बढ़ते खर्च और नौकरी की टेंशन के चलते घर चलाना मुश्किल होता जा रहा था. सुबह से शाम तक काम, बॉस का दबाव और महीने के अंत में सीमित सैलरी. इससे दोनों मानसिक रूप से परेशान रहने लगे.

नौकरी छोड़ खुद का काम शुरू करने का फैसला

डिम्पी बताती हैं कि एक दिन दोनों ने मिलकर फैसला किया कि अब प्राइवेट नौकरी छोड़कर खुद का काम किया जाएगा. उनका मानना था कि नौकरी में पूरी जिंदगी दूसरों के लिए काम करने से बेहतर है कि कुछ अपना किया जाए, जिसमें मेहनत का फल सीधे मिले. जब उन्होंने यह फैसला लिया, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संघर्ष उन्हें याद आया. डिम्पी कहती हैं कि जब चाय बेचने वाला व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, तो चाय बेचकर सम्मान से घर क्यों नहीं चलाया जा सकता.

चाय बनाने का शौक बना रोज़गार

डिम्पी को शुरू से ही चाय बनाने का शौक था. घर आने वाले रिश्तेदार और मेहमान अक्सर उनकी चाय की तारीफ किया करते थे. इसी हुनर को पहचानते हुए उन्होंने चाय का स्टॉल शुरू करने का फैसला किया. शुरुआत में थोड़ी झिझक जरूर थी, लेकिन आत्मविश्वास और मेहनत ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया. डिम्पी और गौरव दोनों मिलकर चाय का ठेला संभालते हैं और ग्राहकों को गर्मागर्म स्वादिष्ट चाय पिलाते हैं.

₹10-₹20 की चाय, बढ़ रही लोकप्रियता

फिलहाल डिम्पी ₹10 और ₹20 की चाय बेच रही हैं. उनकी चाय का स्वाद लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि जो एक बार पी लेता है, वह दोबारा जरूर लौटकर आता है. धीरे-धीरे उनकी दुकान की पहचान बनने लगी है. डिम्पी बताती हैं कि आने वाले दिनों में वे चाय की वैरायटी बढ़ाने की योजना बना रही हैं, ताकि ग्राहकों को और बेहतर विकल्प मिल सकें.

आत्मनिर्भरता और सुकून की नई पहचान

आज डिम्पी और गौरव किसी प्राइवेट नौकरी की टेंशन में नहीं हैं. वे अपने काम से खुश हैं और सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं. उनकी आमदनी भी पहले से बेहतर हो गई है. डिम्पी का कहना है कि अगर इंसान में मेहनत करने का जज़्बा हो, तो छोटा काम भी बड़ी सफलता दिला सकता है. उनका चाय का स्टॉल आज आत्मनिर्भर भारत की सोच को ज़मीन पर उतारता हुआ नजर आता है.

Source link

You Missed

Benjamin Netanyahu Warns Iran War Will Continue Until Uranium Is Removed
Top StoriesMay 11, 2026

बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी, ईरान के साथ युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक कि यूरेनियम हटाया नहीं जाता

वाशिंगटन: ईरान के समृद्ध यूरेनियम के भंडार को “हटाना” होगा, इससे पहले कि अमेरिका-इज़राइल के ईरान के खिलाफ…

Compromised PM No Longer Capable of Running country: Rahul slams PM
Top StoriesMay 11, 2026

प्रधानमंत्री के खिलाफ आरोप लगाते हुए राहुल कहते हैं: कमजोर प्रधानमंत्री अब देश चलाने में असमर्थ

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वेस्ट एशिया संघर्ष से उत्पन्न…

Scroll to Top