नोएडा- ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रोकने के लिए रची गई एक खतरनाक साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इन लोगों ने एक किसान परिवार का फर्जी अपहरण कर इलाहाबाद हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस रिट दाखिल की, जिससे प्रशासन और पुलिस को झूठा साबित कर प्रोजेक्ट को बाधित किया जा सके.क्या थी पूरी साजिश?
डीसीपी ग्रेटर नोएडा साद मियां खान ने बताया कि आरोपियों का मकसद था कि झूठा केस जीतकर प्रशासन को बदनाम किया जाए और एयरपोर्ट परियोजना पर सवाल उठाए जाएं. इससे वे अपने दबदबे और आर्थिक मुनाफे के लिए रास्ता बना सकें.
हाईकोर्ट तक पहुंची झूठी याचिकापूरा मामला 2 जून 2025 को तब सामने आया, जब किसान हंसराज के बेटे सौरभ ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की कि उनके माता-पिता और भाई को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में लिया है. अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 11 जून को परिवार को पेश करने का आदेश दिया.
सात पुलिस टीमें, कोई सुराग नहीं
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जांच तेज की और 7 टीमें गठित की गईं. सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी उपायों से तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. सभी मोबाइल बंद थे. परिजनों का कहीं कोई पता नहीं चल रहा था.
26 जून को हुआ बड़ा खुलासाहंसराज के परिचित कामेश ने 26 जून को थाने में एक शिकायत दी, जिससे पुलिस को साजिश की पहली कड़ी मिली. जांच में सामने आया कि यह अपहरण फर्जी था और एक सोची-समझी योजना के तहत अंजाम दिया गया.
पायलट निकला मास्टरमाइंड, BMW में बंधक बनाए रखा
इस साजिश का मास्टरमाइंड निकला कैप्टन पुत्तन सिंह, जो पेशे से एक पायलट है. उसने हंसराज, उनकी पत्नी कमलेश देवी और बेटे सौरभ को इलाज के बहाने अगवा किया और बीएमडब्ल्यू कार में छिपाकर अलग-अलग जगहों पर रखा. नोएडा सेक्टर-135, दिल्ली के मैदानगढ़ी और अंत में जेवर के दयानतपुर गांव के फार्महाउस में.
हाईकोर्ट को फंसाने की थी योजनासाजिशकर्ता चाहते थे कि जब तक हाईकोर्ट में सुनवाई हो, तब तक परिवार गायब रहे, जिससे पुलिस झूठी साबित हो और कोर्ट से आदेश मिले कि प्रशासन जबरदस्ती कर रहा है. यह पूरा खेल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को पटरी से उतारने के लिए था.
पुलिस की सटीक कार्रवाई, सभी आरोपी गिरफ्तार
28 जून को पुलिस ने फार्महाउस पर छापा मारकर पूरे परिवार को सकुशल बरामद कर लिया और वहीं से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनके पास से बीएमडब्ल्यू कार भी जब्त की गई.
दो महिलाएं भी शामिल, सरकारी अफसरों पर जांच जारी
कैप्टन पुत्तन सिंह (मास्टरमाइंड)
सरोजबाला (पत्नी)
प्रमोद सिंह
पवन चौधरी
रामा देवी
पुलिस ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. साथ ही, कुछ सरकारी अफसरों की संदिग्ध भूमिका पर भी जांच चल रही है. जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

