Uttar Pradesh

Muzaffarnagar: जिस नदी का पानी पीने से बीमारी हो जाती थी खत्म, अब वो खो रही अपना अस्तित्व



रिपोर्ट: अनमोल कुमारमुजफ्फरनगर: कहा जाता है कि जनपद मुजफ्फरनगर में एक नदी ऐसी भी है, जिसका पानी पीने से ही पुरानी से पुरानी खांसी ठीक हो जाती है. पुरानी से पुरानी खाज खुजली भी इस नदी में नहाने से ठीक हो जाती है. यह हम नहीं कह रहे बल्कि काली नदी के पास ही रहने वाले लोगों का यह दावा है. काली नदी दूर-दूर तक फेमस है. आइये आपको बताते है क्या है इसकी मान्यता…..

News 18 लोकल की टीम को जानकारी देते हुए स्थानीय निवासी नवीन कश्यप ने बताया, ‘यह नदी काली नदी के नाम से दूर-दूर तक मशहूर है.जिसका पानी पीने और नहाने से ही सब बीमारी दूर हो जाती है.काली नदी का पानी पीने के लिए दूर-दूर से यहां पर लोग आते थे, जोकि गंगा जल की तरह ही इस काली नदी का भी पानी अपने घरों में लेकर जाते थे. हमारे खेत नदी के ही बराबर में है. जब हम छोटे-छोटे बच्चे थे. तो बहुत दूर-दूर से लोग आते थे और हमें पैसों का लालच देकर हमारे से ही नदी के बीच से पानी लाने को भी कहते थे. हम कुछ पैसे लेकर उन्हें नदी के बीच का पानी भी लाकर देते थे’.

नदी की रेत से बने है यहां के मकानउन्होंने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इस काली नदी के कई खास खुबियां है. यह नदी उल्टे पहाड़ों चल रही है. इस नदी पर आज तक कोई दुर्घटना नहीं हुई. जितने भी मकान काली नदी के पास बसे हुए हैं. वह सभी मकान इस काली नदी के रेत से ही बने हुए हैं. नदी के किनारे ही छठ पूजा के दौरान लोगों के द्वारा पूजा भी की जाती थी.

नाले नालियों के पानी से प्रदूषित हुई नदीनवीन कश्यप ने बताया कि आज के समय में मील का पानी, नदी नालों का पानी इस नदी में मिल जाने से यह नदी प्रदूषित हो गई है. हमारे लाख शिकायत करने पर भी किसी भी अधिकारी के द्वारा इस नदी की साफ सफाई नहीं कराई जाती. जिससे इस नदी में गंदगी बढ़ गई है. पानी भी काला आने लगा है. उन्होंने बताया कि पहले इस नदी का पानी बिल्कुल नीला कांच जैसा दिखता था, क्योंकि इस नदी में किसी भी प्रकार की कोई गंदगी नहीं थी. लेकिन अब इस नदी में कोई नहा ले तो उसी व्यक्ति को खाज खुजली हो जाएगी.

काली नदी से लोगों की आस्था हो रही खत्मउनका कहना है कि इस काली नदी से लोगों की बहुत आस्था भी जुड़ी हुई थी, क्योंकि यह नदी एक तो लोगों की बीमारी को खत्म करती थी. वह इस नदी पर लोगों के द्वारा छठ पूजा कार्यक्रम दलिया पूजन कार्यक्रम आदि भी किए जाते थे. लेकिन अब धीरे-धीरे यह सभी पूजा-पाठ इस नदी से खत्म होता जा रहा है. लोगों की आस्था धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है. इस काली नदी में दिन प्रतिदिन गंदगी बढ़ती जा रही है. प्रशासन इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|Tags: Muzaffarnagar newsFIRST PUBLISHED : December 17, 2022, 08:26 IST



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