Uttar Pradesh

‘मुझे मेरा बच्चा सलामत चाहिए’, ईरान में फंसे अमेठी के 7 छात्र, भनौली गांव में आंसू बहा रहीं मां, देखें ग्राउंड रिपोर्ट

ईरान-इज़राइल युद्ध ने अमेठी के कई परिवारों की नींद उड़ा दी है। ईरान गए बच्चों से संपर्क न होने से परिजन सदमे में हैं। ये सभी छात्र अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के भनौली गांव के रहने वाले हैं। करीब 3 महीने पहले उच्च शिक्षा के लिए ईरान गए थे।

लोकल 18 की टीम भनौली गांव पहुंची। बच्चों के परिवार के सदस्य अमजद खान बताते हैं कि करीब चार दिनों से संपर्क नहीं हो पाया है। हालात वहां के लगातार तनावपूर्ण हो रहे हैं। ऐसे में अब सरकार ही सहारा है। अगर हालात और बिगड़ते हैं तो बच्चों को सुरक्षित वतन वापसी करवाई जाए। अमजद कहते हैं कि 3 महीने पहले जब बच्चे पढ़ाई के लिए ईरान गए थे, तब हालत सही थे। हमें अपने बच्चों की चिंता सता रही है।

गांव के एक परिवार के सदस्य ने बताया कि उनका भाई भी वहां फंसा है। 3 महीने पहले पढ़ाई के लिए गया था। लगातार बातचीत हो रही थी। सब कुछ अच्छा था, लेकिन अब कुछ अता-पता नहीं। उनका भाई सुरक्षित वापस आए, बस यही चाहते हैं। सफीना बानो ने बताया कि उनकी अपने बेटे से चार दिन से बात नहीं हुई। जालिम हुकूमत ने बच्चों के प्राण संकट में डाल दिए हैं। मुझे तो मेरा बच्चा वापस सुरक्षित मिल जाए, यही चाहते हैं।

गांव के एक छात्र के परिजन इंजीनियर हैदर बताते हैं कि जैसे यूक्रेन में जब युद्ध हुआ तो लोगों को सुरक्षित वतन लाया गया था, उसी तरह उम्मीद है कि सरकार और अधिकारी हमारे गांव के बच्चों की मदद करेंगे। गांव में इस समय सन्नाटा पसरा है। लोग प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। ईरान में फंसे छात्र-छात्राओं और लोगों में अमेठी के इस गांव से 18 वर्षीय जब्बार खान, सैयद इमाम, अली मोहम्मद, आमिर कुमारी, तरहीर, सदा (35) और नुसरत (55) शामिल हैं।

अब सरकार से ही सहारा है। हमें उम्मीद है कि सरकार और अधिकारी हमारे गांव के बच्चों की मदद करेंगे। हमें अपने बच्चों की चिंता सता रही है। हमें बस यही चाहते हैं कि हमारे बच्चे सुरक्षित वापस आएं।

You Missed

Rashmika Trains Hard in Bangkok
Top StoriesApr 18, 2026

Rashmika Trains Hard in Bangkok

Rashmika Mandanna is undergoing an intense physical transformation for Mysaa, training in Bangkok with the Jaika Stunt Team…

Scroll to Top