Uttar Pradesh

मोबाइल ही नहीं किसान भी हो रहे अपडेट, पारंपरिक खेती छोड़ शुरू की इस मसाले की खेती…बन गए लखपति



शिवहरि दीक्षित/हरदोई : आज के समय मे जिस तरह से मोबाइल अपडेट होते जा रहे हैं. उसी तरह किसान भी अपने आप को अपडेट कर रहे हैं. पारंपरिक फसलों की खेती करके भारतीय किसान अब ज्यादा मुनाफा नहीं कमा पा रहे हैं. ऐसे में यूपी के हरदोई के एक क्षेत्र के किसान पारम्परिक खेती को छोड़ कर दुनिया भर में मसालों के तौर पर इस्तेमाल होने वाली सौंफ की खेती कर रहे हैं. जिससे वो कुछ ही समय में मोटा मुनाफा भी कमा रहे हैं.

भारत देश दुनिया भर में मसालों के लिए प्रसिद्ध है. भारत ही एक ऐसा देश है जो कि सबसे ज्यादा मसालों का उत्पादन करता है और सबसे बड़ा निर्यातक भी है. मगर यह भी कुछ ही क्षेत्रों में उगाया जाता है. अब यूपी के किसान भी मसालों की खेती में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. सौंफ की खेती खरीफ और रबी दोनों ही मौसम में की जा सकती है. किसान सौंफ की खेती कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.

सौंफ उगा रहे किसानऐसे ही हरदोई के किसान जीवन लाल वर्मा बताते हैं कि उनके क्षेत्र में किसान हजारों बीघे में गेहूं, गन्ना, धान नहीं बल्कि सौंफ की फसल उगाते हैं. जीवन लाल बताते हैं कि एक बार वह अपने एक रिश्तेदारी में गए थे. जहां के कुछ किसान इस खेती को कर रहे थे.

जब इन्होंने जिज्ञासा वश सौंफ की खेती के बारे में पूंछा तो वहां के किसानों ने बताया कि यह फसल कम समय कम लागत में अच्छा मुनाफा देती है. तो जीवन लाल भी अपने यहां आकर पारंपरिक खेती को छोड़कर सौंफ की खेती करने लगे. साथ ही इस क्षेत्र के अन्य किसान भी इसी फसल को उगा रहे हैं जो कि लगभग हजार बीघे में है.

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कम समय, कम लागत में तैयार होती है फसलसौंफ की फसल को उगाने में लगने वाले समय के विषय मे किसान जीवन लाल बताते हैं कि सौंफ की फसल नवंबर दिसम्बर में बोई जाती है और मार्च अप्रैल तक यह फसल पक जाती है. यानी कि 4 से 5 माह के अंदर यह फसल तैयार हो जाती है. इसमें खाद की बात करें तो एक बीघे में लगभग 5 से 6 किलो खाद ही डालनी पड़ती है. वहीं पानी भी इसमें एक या दो बार ही लगाना पड़ता है और जब यह फसल पक कर तैयार हो जाती है. तो इसमें थोड़ी मेहनत कटाई के लिए करनी पड़ती है क्योंकि दो से तीन बार कटाई करनी पड़ती है.

प्रति कुंतल हजारों का मुनाफाकिसान जीवन लाल बताते हैं कि उन्होंने अपने पांच बीघे के खेत मे सौंफ की फसल को उगाया है. जिसमें से 6 से 7 कुंतल सौंफ निकलती है और जिसे कानपुर, लखनऊ या फिर अन्य क्षेत्रों के व्यापारी इनके खेत पर आकर 30 हजार रुपये प्रति कुंतल तक खरीद कर ले जाते हैं.
.Tags: Agriculture, Hardoi News, Local18, UP newsFIRST PUBLISHED : April 2, 2024, 16:23 IST



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