एक हालिया शोध में यह बात सामने आई है कि महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक खर्च करना पड़ता है. हालांकि कई अन्य शोधों में यह पाया गया है कि पुरुष और महिलाएं समान राशि खर्च करते हैं या पुरुषों का खर्च थोड़ा अधिक होता है, लेकिन यह स्पष्ट है कि महिलाओं का स्वास्थ्य सेवाओं पर कुल व्यय अधिक होता है.
इसके कारणों में गंभीर बीमारियां, लंबे समय तक इलाज की जरूरत, और कुछ स्वास्थ्य स्थितियों के निदान में देरी शामिल हैं. इस अध्ययन में यह भी कहा गया है कि महिलाओं को अपने चिकित्सा देखभाल को टालने या स्थगित करने की संभावना अधिक होती है, खासकर लागत के कारण.
महिलाओं में गंभीर बीमारियों का अधिक प्रभाव
महिलाएं पुरुषों की तुलना में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना अधिक करती हैं. खासकर, ऑटोइम्यून स्थितियां जैसे मल्टीपल स्केलेरोसिस और रुमेटॉइड आर्थराइटिस, जो महिलाओं को अधिक प्रभावित करती हैं. इसके अलावा, चिकित्सा अनुसंधान का अधिक ध्यान पुरुषों पर केंद्रित होने के कारण महिलाओं के लिए उपचार कम प्रभावी हो सकते हैं. उदाहरण के लिए, 2021-22 में 88 प्रतिशत महिलाओं ने चिकित्सक से मुलाकात की, जबकि पुरुषों का आंकड़ा 79 प्रतिशत था. हालांकि, 2020-21 में 4.3 प्रतिशत महिलाओं ने खर्च के कारण चिकित्सक से मिलने में देरी की, जबकि पुरुषों के लिए यह आंकड़ा 2.7 प्रतिशत था.
प्रजनन स्वास्थ्य और निदान में देरी
महिलाओं को प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं, जैसे एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक दर्द, और मेनोपॉज से संबंधित समस्याएं, पुरुषों की तुलना में अधिक होती हैं. इन स्थितियों का निदान करने में पैसा और समय दोनों ही ज्यादा खर्च होता है. उदाहरण के तौर पर, एंडोमेट्रियोसिस का निदान औसत साढ़े छह से आठ साल तक ले सकता है, जिससे महिलाओं को कई चिकित्सकों से सलाह लेनी पड़ती है और लागत बढ़ जाती है. इसके अलावा, निदान में देरी के कारण इलाज की लागत भी अधिक हो सकती है.
महिलाओं पर वित्तीय दबाव
महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य देखभाल के लिए वित्तीय दबाव का सामना अधिक करना पड़ता है. जैसे कि एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्थितियों में महिलाओं को चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए काम से छुट्टी लेनी पड़ती है, जिससे कभी-कभी वे कार्यस्थल पर भेदभाव का शिकार होती हैं. इस कारण उन्हें कम रोजगार मिलता है, और उनका करियर प्रभावित होता है. इसके परिणामस्वरूप, वे अपनी स्वास्थ्य देखभाल पर कम खर्च कर पाती हैं.
इस अंतर को कैसे कम कर सकते हैं?
महिलाओं को अधिक खर्च क्यों करना पड़ता है, इसका कारण मुख्य रूप से उनकी स्वास्थ्य समस्याएं और चिकित्सा अनुसंधान में लैंगिक असमानता है. महिलाएं गंभीर बीमारियों से अधिक प्रभावित होती हैं, लेकिन अब हम इस तथ्य को समझने लगे हैं कि पुरुषों और महिलाओं का स्वास्थ्य अनुभव अलग होता है. महिलाओं के स्वास्थ्य पर अधिक शोध और निवेश करने से चिकित्सा उपचार में सुधार हो सकता है, जिससे इलाज का खर्च कम हो सकता है. इस दिशा में काम करके हम महिलाओं पर स्वास्थ्य देखभाल का आर्थिक बोझ कम कर सकते हैं.
-एजेंसी-
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