Uttar Pradesh

कश्मीर में ऐशान्या और शुभम की दुखद कहानी.

Last Updated:April 24, 2025, 10:08 ISTशुभम और ऐशान्या की शादी को कुछ ही दिन हुए थे और दोनों अपने परिवार संग कश्मीर घूमने गए थे. घटना वाले दिन शुभम आराम से कुर्सी पर बैठे थे और ऐशान्या पास ही खड़ी थीं. तभी एक अनजान युवक आया और सीधे शुभम के पास पहुंच…और पढ़ेंX

शुभमहाइलाइट्सकाश्मीर में शुभम की हत्या हुई.हत्या के बाद ऐशान्या का परिवार दुखी.ऐशान्या ने बताया घटना का दर्दनाक विवरण.कानपुर: ऐशान्या और शुभम की शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे, 70 दिन पहले ही दोनों ने जीवन भर एक दूसरे का साथ निभाना का वादा किया था और 17 अप्रैल को दोनों अपने परिवार वालों के साथ कश्मीर घूमने गए थे, जहां हर जोड़ा घूमने का सपना देखता है. लेकिन किसे पता था कि वही जगह उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन जाएगा.

ऐशान्या ने रोते रोते बयां की पूरी दास्तान

घटना वाले दिन ऐशान्या और शुभम एक कैफे में बैठे थे. मैगी का ऑर्डर दे चुके थे. शुभम आराम से कुर्सी पर बैठे थे और ऐशान्या पास ही खड़ी थीं. तभी एक अनजान युवक आया और सीधे शुभम के पास पहुंचा. उसने पूछा – तू हिंदू है या मुसलमान? फिर कहा – कलमा पढ़ के दिखा. ऐशान्या कुछ समझ पाती उससे पहले ही युवक ने सिर पर गोली मार दी. शुभम की मौके पर ही मौत हो गई. ऐशान्या के मुताबिक, वह कुछ पल के लिए कुछ समझ ही नहीं पाईं. उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि जो कुछ उनकी आंखों के सामने हुआ, वो हकीकत है. ऐशान्या कहती हैं – “हम दोनों साथ गए थे, फिर वो अकेले कैसे चला गया? उसने तो वादा किया था कि हमेशा साथ रहेगा.

रो-रो कर परिवार वालों का बुरा हाल

हादसे के बाद ऐशान्या जैसे टूट गई हैं. जब वो देर रात कानपुर के हाथीपुर गांव स्थित अपने ससुराल पहुंचीं, तो बार-बार बेहोश हो रही थीं. हर किसी से एक ही बात कह रही थीं –”मेरा शुभम वापस ला दो. वो बहुत अच्छा इंसान था. किसी का क्या बिगाड़ा था उसने?.

ऐशान्या रोते हुए कहती हैं, अब मैं किससे बात करूंगी? किसके साथ अपनी बातें शेयर करूंगी? हम दोनों बहुत खुश थे. शुभम के परिवार वाले लगातार उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐशान्या का दुख इतना गहरा है कि वो किसी की बात सुन ही नहीं रही हैं. कश्मीर की इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं.आखिर कब तक बेगुनाह लोग ऐसे ही मारे जाते रहेंगे. ऐशान्या का दर्द हर किसी की आंखें नम कर देता है. उनका कहना है कि काश हम कश्मीर न गए होते. अब वही कश्मीर हमेशा दर्द देगा. मैं तो वापस आ गई, पर मेरा शुभम कभी नहीं आएगा. हादसा एक याद बनकर ऐशान्या की जिंदगी में हमेशा रहेगा, एक ऐसा ज़ख्म जिसे शायद वक्त भी नहीं भर पाएगा.
Location :Kanpur,Kanpur Nagar,Uttar PradeshFirst Published :April 24, 2025, 10:05 ISThomeuttar-pradeshकाश हम कश्मीर न जाते..शुभम की हत्या के बाद ऐशान्या ने बताई उस दिन की घटना

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