भारत में क्रिकेट एक धर्म की तरह है. हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह एक दिन अपने देश के लिए क्रिकेट खेले और इसमें से ही कुछ महान क्रिकेटर्स आगे चलकर एक कुशल कमेंटेटर भी बनते हैं. हालांकि कमेंटेटर बनने के लिए क्रिकेटर होना जरूरी नहीं. एक क्रिकेट कमेंटेटर बनने के लिए क्रिकेट के नियमों, तकनीक और इतिहास की अच्छी जानकारी होनी चाहिए. मैच की स्थिति के अनुसार एनालिसिस करने और दर्शकों को रिकॉर्ड्स समझाने की क्षमता होनी चाहिए. भारत के टॉप कमेंटेटर्स में हर्षा भोगले, संजय मांजरेकर, सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और आकाश चोपड़ा जैसे दिग्गजों में नाम शामिल हैं.
कितनी होता है क्रिकेट कमेंटेटर्स की कमाई?
एक क्रिकेट कमेंटेटर को हर मैच के हिसाब से पैसे मिलते हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट में एक सीनियर कमेंटेटर 6 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक की कमाई कर सकता है. अनुमान लगाएं तो अगर एक क्रिकेट कमेंटेटर सालभर में 100 मैचों में भी कमेंट्री करता है तो वह कुल 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर सकता है. मौजूदा समय में अगर हम एक क्रिकेटर की BCCI से मिलने वाली सालाना सैलरी की बात करें तो एक A+ ग्रेड क्रिकेटर को सालाना 7 करोड़ रुपये की सैलरी मिलती है. इस तरह एक कमेंटेटर भी क्रिकेटर पर भारी पड़ता हुआ नजर आता है.
भारतीय कमेंटेटरों की मौज
कमेंट्री फील्ड में सैलरी कॉन्ट्रैक्ट के ऊपर भी निर्भर करती है. मीडिया रिपोर्ट की माने शुरुआत में एक मैच के हिसाब से 2-3 लाख रुपये की इनकम होती है. आगे जब कुछ एक्सपीरियंस बढ़ता है, तो यह 4-6 लाख के बीच पहुंच जाती है. वहीं, एक स्तर पर पहुंचने पर कमेंटेटर को 8-10 लाख का कांट्रेक्ट भी मिलने लगता है. भारतीय क्रिकेट कमेंटेटर्स दुनिया भर में सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले स्पोर्ट्स कमेंटेटरों में से एक हैं. भारतीय क्रिकेट कमेंटेटर्स टीम इंडिया के मैचों के अलावा, आईपीएल और विदेशी दौरे पर भी सीरीज के दौरान कमेंट्री करते हैं.
जूनियर लेवल पर कितनी कमाई
भारत में एक जूनियर क्रिकेट कमेंटेटर प्रति दिन लगभग 35,000 रुपये कमा सकता है. जबकि एक अनुभवी टॉप क्लास कमेंटेटर को इससे कहीं अधिक वेतन मिलता है, जो कि 6 से 10 लाख रुपये प्रति दिन तक हो सकता है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फैन फॉलोइंग वाले कमेंटेटर बड़े-बड़े ब्रांड के साथ भी जुड़े होते हैं और एड के जरिए कमाई करते हैं. स्पोर्ट्स चैनल्स को कमेंटेटर की जरूरत होती है. यहां अच्छा करने वाले आगे चल कर BCCI पैनल में शामिल हो जाते हैं.
Purbayan Chatterjee on Musical Collaboration
For Purbayan Chatterjee, Indian classical music is not something frozen in time. It is alive, restless and constantly…

