Uttar Pradesh

Kannauj Perfume: सिर्फ खुशबू नहीं, कड़ी तपस्या है ये! जानिए कैसे बनता है कन्नौज का बेशकीमती ‘बेला इत्र’

Last Updated:April 19, 2025, 22:58 ISTKannauj Perfume: कन्नौज में बेला का इत्र गर्मियों में बड़े पैमाने पर बनाया जाता है. 40-50 किलो फूलों से 1 किलो इत्र तैयार होता है, जिसकी कीमत ₹40,000 से ₹1,00,000 प्रति किलो तक होती है.X

बेला का इत्र.हाइलाइट्सबेला का इत्र बनाने में 40-50 किलो फूलों से 1 किलो इत्र बनता है.इत्र की कीमत ₹40,000 से ₹1,00,000 प्रति किलो तक होती है.इत्र बनाने की प्रक्रिया में 8-10 घंटे लगते हैं.Kannauj Perfume: कन्नौज में फूलों के इत्र काफी फेमस है, इसके अलावा यहां कई तरह के इत्र बनाए जाते हैं. गर्मियों के मौसम में खासकर बेला का इत्र बड़े पैमाने पर बनाया जाता है. बेला का इत्र बनाने की प्रक्रिया बहुत मेहनत और टाइम टेकिंग होती है.पहले किसानों द्वारा शाम के समय पेड़ों से बेला का फूल लाया जाता है. इसके बाद हर कली की सफाई की जाती है और धूप से बचाकर इसे ठंडा करने में काफी समय लगता है. फिर, इसे एक बड़े डेग ( बड़े बर्तन) में डालकर इत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू होती है। इत्र बनाने की यह प्रक्रिया बड़े ध्यान और मेहनत के साथ की जाती है.

कितना फूल लगता है और कितनी मेहनत?बेला का इत्र बनाने के लिए 40 से 50 किलो फूलों की जरूरत होती है. इन फूलों को रातभर तेज आंच पर तपाया जाता है, जो लगभग 8 से 10 घंटे चलता है. इस प्रक्रिया में करीब 1 किलो इत्र तैयार होता है. अगर फूलों की मात्रा बढ़ती है, तो इत्र की क्वालिटी भी बढ़ती है. सबसे अच्छी क्वालिटी का इत्र तैयार करने के लिए एक महीने तक लगातार कई सैकड़ा कुंतल फूलों की आवश्यकता होती है, तब जाकर 1 से 1.5 किलो सबसे बेहतरीन बेला का इत्र तैयार होता है.

बेला के इत्र की कीमतबेला के इत्र की कीमत उसकी गुणवत्ता और फूलों की मात्रा पर निर्भर करती है. सामान्य तौर पर, इसका रेट ₹40,000 प्रति किलो से शुरू होता है और सबसे अच्छी क्वालिटी का इत्र ₹1,00,000 प्रति किलो तक पहुंच सकता है.

व्यापारियों की रायइत्र व्यापारी निशीष तिवारी बताते हैं कि बेला के इत्र की प्रक्रिया लंबी और कठिन होती है. यह इत्र केवल गर्मियों के मौसम में तैयार किया जाता है. बेला के फूल बहुत गर्म होते हैं, जिन्हें ठंडा करने के बाद डेग और भभके की मदद से इत्र तैयार किया जाता है. शुरुआत में 8 से 10 घंटे तक लगातार तेज आंच पर यह इत्र तैयार होता है, लेकिन उच्च गुणवत्ता का इत्र बनाने के लिए एक महीने का समय लगता है.बेला का इत्र बनाने की पूरी प्रक्रिया में ज्यादा समय, मेहनत और धैर्य की जरूरत होती है, साथ ही इसकी कीमत भी हाई क्वालिटी के कारण ज्यादा होती है. कन्नौज के इत्र व्यवसायी इस प्रक्रिया को अपनी मेहनत और कला के रूप में देखते हैं, जिससे वे दुनिया भर में एक अद्वितीय पहचान बना चुके हैं.
Location :Kannauj,Uttar PradeshFirst Published :April 19, 2025, 22:58 ISThomeuttar-pradeshसिर्फ खुशबू नहीं, कड़ी तपस्या है ये! जानिए कैसे बनता है बेशकीमती ‘बेला इत्र’

Source link

You Missed

US to evacuate cruise ship passengers in hantavirus outbreak to Nebraska
HealthMay 9, 2026

अमेरिका नेब्रास्का में क्रूज जहाज के यात्रियों को हंटावायरस प्रकोप के दौरान निकालने वाला है

संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार एक क्रूज जहाज से अमेरिकी यात्रियों को निकालने की प्रक्रिया में है, जो…

Top StoriesMay 9, 2026

जेएनटीयू-जीवी ने जर्मनी के रूटलिंजन विश्वविद्यालय के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए

विजयवाड़ा: जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय–गुराजादा, विजयनगरम (जेएनटीयू-जीवी) ने जर्मनी के नॉलेज फाउंडेशन रूटलिंजेन यूनिवर्सिटी (केएफआरयू) के साथ एक…

Scroll to Top