अभिषेक जायसवाल/वाराणसी. जगत के पालन हार भगवान जगन्नाथ अब मंदिर छोड़ भक्तों के बीच विराजमान गए हैं. रथ पर सवार होकर भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ सड़क पर अपने भक्तों की फरियाद सुन रहें हैं. बाबा विश्वनाथ के शहर बनारस में तीन दिनों तक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिलता है. मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता है. भगवान उसकी सभी मुरादें पूरी करतें है.काशी में होने वाले इस रथयात्रा मेले में 3 दिनों तक भक्तों की भारी भीड़ होती है.अलग अलग दिन भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को अलग-अलग स्वरूप में दर्शन देतें है. कहा जाता है कि जो भी भक्त वाराणसी की इस रथयात्रा में शामिल होते हैं उन्हें पूरी की रथयात्रा के बराबर का फल भी मिलता है.
200 साल से ज्यादा पुरानी है परम्पराजगन्नाथ मंदिर के पूजारी राधेश्याम ने बताया कि तीन दिन भगवान जगन्नाथ भक्तों के बीच ही बैठकर उनकी अर्जी सुनते हैं. काशी में ये परम्परा 200 से अधिक साल से निरंतर चली आ रही है. बताते चलें कि मंगलवार को सुबह मंगला आरती के बाद रथयात्रा मेले का आजाग हो गया है, जो 22 जून तक चलेगा. काशी में इस मेले को लक्खा मेला कहा जाता है. तीन दिनों के इस मेले में लाखों भक्त यहां आतें है और प्रभु के दर्शन करतें है. इसके अलावा इसी मेले से वाराणसी में त्योहार और मेलों का आजाग भी होता है. यही वजह है कि काशी में इस उत्सव की धूम बेहद ही निराली होती है..FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 12:28 IST
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