Uttar Pradesh

इन 3 तरीकों से दबोचते हैं साइबर ठग, शिकार होकर भी आराम से बच सकते हैं, एक्सपर्ट ने बताई ट्रिक

बरेली में साइबर क्राइम के लगातार बढ़ते मामलों से लोग परेशान हैं, लेकिन थोड़ी सी जागरूकता से आप साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकते हैं. आज से ही इन बातों की गांठ बांध लें.

आज के डिजिटल युग में साइबर क्राइम कोई अनजाना शब्द नहीं रह गया है. मोबाइल फोन, इंटरनेट और ऑनलाइन पेमेंट्स ने जहां लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है, साइबर अपराधियों ने भी इन्हीं का सहारा लेकर ठगी का जाल बुन दिया है. देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम के मामले अब बरेली में भी चिंता का विषय बन गए हैं. हर दिन किसी न किसी आम नागरिक से लेकर नेता, अभिनेता और अधिकारी तक इस अपराध के शिकार हो रहे हैं. ऐसे में जरूरी है कि लोग न सिर्फ सतर्क रहें बल्कि ठगी से बचाव के उपायों को भी जानें.

बरेली में हाल ही में सामने आए मामलों की बात करें तो ज्यादातर अपराधी तीन तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं. इनमें डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कंपनियों का झांसा, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग करना और फर्जी लिंक और कॉल्स भेजकर या कॉल करके बैंकिंग डिटेल्स हासिल करना. अधिवक्ता आदित्य के अनुसार, साइबर ठगी के पीछे सबसे बड़ा कारण लोगों का लालच और अधिक भरोसा करना है. अपराधी जब पैसों को दोगुना-तिगुना करने या निवेश पर बड़े फायदे का झांसा देते हैं, तो लोग बिना सोचे-समझे इन जालसाजों पर विश्वास कर बैठते हैं. इसके अलावा, तकनीकी जानकारी की कमी और सतर्कता का अभाव भी लोगों को साइबर अपराधियों का आसान शिकार बना देता है.

साइबर क्राइम से बचाव के लिए अधिवक्ता आदित्य ने कुछ अहम टिप्स साझा किए. किसी भी अनजान नंबर से आए फोन कॉल्स पर भरोसा न करें. कोई भी फेक लिंक या अज्ञात वीडियो न खोलें. यदि कोई संदिग्ध मैसेज आता है जिसमें पैसा बढ़ाने या ऑफर का लालच हो, तो उसे तुरंत डिलीट करें. किसी भी प्रकार की अश्लील वीडियो या फोटो के माध्यम से यदि कोई ब्लैकमेल करने की कोशिश करे तो डरें नहीं, बल्कि तुरंत परिवार को बताएं और शिकायत दर्ज कराएं.

यदि आपके साथ साइबर क्राइम हो जाए, तो घबराने की बजाय तुरंत कदम उठाना बेहद जरूरी है. अधिवक्ता आदित्य के अनुसार, सबसे पहले 1920 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें. इससे आपका पैसा तुरंत फ्रीज हो जाएगा. इसके बाद साइबर क्राइम पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज करें. फिर नजदीकी थाने या वकील की मदद से एफआईआर दर्ज कराएं. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत से आपका पैसा रिलीज कराया जा सकता है.

You Missed

Cochrane review calls Alzheimer's drugs ineffective, experts push back
HealthMay 12, 2026

कोक्रेन समीक्षा अल्जाइमर्स के दवाओं को असरदार नहीं मानती, विशेषज्ञों ने विरोध किया

हाल ही में एक महत्वपूर्ण कोचरिन समीक्षा ने अल्जाइमर के इलाज में प्रयुक्त एमाइलॉइड-टारगेटिंग ड्रग्स की सुरक्षा और…

WHO Chief Urges Continued Vigilance After Hantavirus Evacuation
Top StoriesMay 12, 2026

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने हंटावायरस निकासी के बाद निरंतर सतर्कता के लिए आग्रह किया

मैड्रिड: विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अधानोम गेब्रेयसुस ने मंगलवार को कहा कि हंटावायरस को रोकने के…

Scroll to Top