माता-पिता के लिए अपने बच्चे की सेहत से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं होता. हालांकि, कई बार हल्के-फुल्के लगने वाले लक्षण गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ ब्रिटेन की केट हिब्बर्ड की 6 साल की बेटी मेरिडिथ (Meredith) के साथ. शुरुआत में माता-पिता इसे साधारण ‘ग्रोइंग पेन’ समझते रहे, लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो उनके होश उड़ गए. डॉक्टरों ने बताया कि मासूम को एक खतरनाक बीमारी कैंसर हो गया है.
अप्रैल 2023 में मेरिडिथ अचानक लंगड़ाकर चलने लगी. मां केट को लगा कि यह उसकी मस्ती और शरारतों की वजह से हो रहा है. हालांकि, जब कुछ समय तक लक्षण ठीक नहीं हुए, तो वे उसे स्थानीय जनरल प्रैक्टिशनर के पास ले गईं. वहां नर्स ने इसे सामान्य ‘ग्रोइंग पेन’ बताया और फिजियोथेरेपी के लिए भेज दिया.
कुछ महीनों तक मेरिडिथ की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. फिर जून 2023 में उसके माथे पर एक गांठ उभर आई. केट को लगा कि शायद किसी हल्के झटके की वजह से सूजन हुई है, लेकिन जब यह गांठ तेजी से बढ़ने लगी, तो उन्होंने तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया. डॉक्टर ने बिना देरी किए उसे अस्पताल भेज दिया.
MRI स्कैन में खुला बड़ा राजअस्पताल में मेरिडिथ की कई जांचें की गईं, जिसमें एक एमआरआई स्कैन भी शामिल था. स्कैन की रिपोर्ट आने के बाद माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई. रिपोर्ट में सामने आया कि मेरिडिथ के शरीर में हर जगह (खोपड़ी और गर्दन से लेकर पेट और पैरों तक) कैंसर फैल चुका है.
अगस्त 2023 में डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उसे नॉन-हॉजकिंस लिंफोमा है. यह एक प्रकार का कैंसर है, जो शरीर की इम्यूनिटी में मौजूद व्हाइट ब्लड सेल्स (लिम्फोसाइट्स) से शुरू होता है. हालांकि, अच्छी बात यह है कि यह कैंसर अत्यधिक इलाज योग्य है और इसके ठीक होने की संभावना काफी अधिक है.
कठिन है इलाज, लेकिन जज्बा मजबूतमेरिडिथ को तुरंत कीमोथेरेपी शुरू करनी पड़ी, जिसमें ‘रेड डेविल’ कीमोथेरेपी भी शामिल थी. केट ने बताया कि अपनी मासूम बच्ची को इस कठिन इलाज से गुजरते देखना उनके लिए बेहद भावुक करने वाला अनुभव था.
मेरिडिथ की मिशन: दूसरों की मदद के लिए आगे आई मांअपनी बेटी की लड़ाई से प्रेरित होकर केट हिब्बर्ड ने ‘मेरिडिथ मिशन’ नामक एक चैरिटी शुरू की है. इस चैरिटी का उद्देश्य डोरसेट में बचपन के कैंसर से जूझ रहे बच्चों और उनके परिवारों की मदद करना है. केट सभी माता-पिता से अपील करती हैं कि वे अपने बच्चे की सेहत को लेकर सजग रहें, किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर दूसरी राय जरूर लें.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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