हाईवे के किनारे भगवान राम के बाल्यावस्था से लेकर राज्याभिषेक तक के मूर्तियां भी लगाई जा रही हैं. अयोध्या सांस्कृतिक विविधताओं, मठों, अतिथि गृहों और सामाजिक संस्थाओं को भी प्रभावी ढंग से बनाया जा रहा है. रामनगरी अयोध्या को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए भगवान श्रीराम की संस्कृति से संबंधित देश के सभी राज्यों सहित दुनिया के दो दर्जन से अधिक देशों के लिए भी भूमि आरक्षित करने की प्लानिंग चल रही है.
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Man Takes Exhumed Remains Of Sister To Bank To Give Proof
Bhubaneswar : In a shocking incident from Odisha’s Keonjhar district, a man allegedly exhumed the skeletal remains of…

