उत्तर-पश्चिमी कांगों में अजीबोगरीब बीमारी की पहचान की गई है. इस बीमारी से अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस मिस्ट्री डिजीज मे शुरुआत में बुखार, उल्टी और इंटरनल ब्लीडिंग के लक्षण नजर आते हैं. लक्षण नजर आने के 48 घंटे में इंसान की मौत हो रही है. एक्सपर्ट्स के अनुसार चमगादड़ खाने वाले तीन बच्चों में सबसे पहले इस बीमारी के लक्षण दिखे थे. जिसके बाद से मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं.
क्या है ये बीमारी इस मिस्ट्री डिजीज में इंटरनल ब्लीडिंग होती है जो कि hemorrhagic fever, इबोला, डेंग, येलो फीवर से जुड़े वायरस से हो सकती है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स ने अब तक के सैंपल की जांच की है तो पता चला है कि इस मिस्ट्री डिजीज का इन बीमारी से कोई कनेक्शन नहीं है. वहीं WHO अब अन्य कारणों की जांच कर रहे हैं जिसमें मलेरिया, viral hemorrhagic fever, टाइफाइड बुखार और मेनिनजाइटिस और फूड प्वाइजनिंग शामिल हैं.
50 से अधिक लोगों की मौत इस मिस्ट्री डिजीज से कई लोगों की मौत हो चुकी है. डेमोक्रिटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इस बीमारी की शुरुआत 21 जनवरी को हुई थी जिसके बाद अब तक 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. वहीं 50 से ज्यादा मौतें हुईं.
WHO क्या कहना है इस मिस्ट्री डिजीज पर WHO विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ्रीका कार्यालय ने बताया है कि बोलोको गांव में इस बीमरी की शुरुआत हुई जब तीन बच्चों ने चमगादड़ खा लिया था. इससे पहले कांगो के दूसरे हिस्से में मिस्ट्री डिजीज से कई लोगों की जान गई थी. इस बीमारी को मलेरिया माना जा रहा था. इस बीमारी से 400 से ज्यादा लोग बीमार थे और 79 लोगों की मौत हो गई थी. ज्यादातर मामले और मौतें 14 साल के कम उम के बच्चों में पाई गई है.
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