शानू कुमार/बरेली: बरेली की सिटी शमशान भूमि में आज से करीब 50 साल पहले भगवान शिव के मंदिर की स्थापना कराई गई थी. इस मंदिर को काफी ऊंचाई पर बनाया गया था. पहले यहां कोई नही आता था चूंकि यह मंदिर श्मशान भूमि में बना हुआ लेकिन अब सावन के समय मे काफी संख्या में कांवड़ियों का भी आना लगा रहता है. मन्दिर में भगवान शिव की बहुत ही सुंदर प्रतिमा को स्थापित किया गया है. साथ में मन्दिर में ही शनि देव भी विराजमान हैं. मान्यता है कि यहां जो भी सच्चे मन से जो कोई मनोकामना लेकर आता है वो ज़रूर पूरी होती है.मन्दिर के पुजारी गंगाप्रसाद ने बताया कि यह मंदिर काफी पुराना है. इस मंदिर की बहुत महिमा है. पहले तो इस मंदिर में बहुत कम भक्त आते थे लेकिन अब यहां बाबा भोलेनाथ की महिमा से हज़ारों की तादाद में भक्त आते हैं. उन्होंने बताया कि मन्दिर बरेली में बहुत मशहूर हो गया है और थोड़े दिनों बाद बरेली के आस पास के जिले के लोग भी जानने लगेंगे. पुजारी ने बताया कि दिन में 3 बार बाबा श्रंगार होता है सुबह, दोपहर, शाम और सभी भक्त आकर बाबा को बहुत सुंदर श्रंगार करते हैं. उन्होंने कहा अब मन्दिर में आने से किसी को ऐसा नही लगता कि वो श्मशान भूमि में है और हर भक्त यहां आकर सुकून प्राप्त करता है.श्मशानधिपति के नाम से मशहूर मन्दिरवैसे तो इस मंदिर का नाम भगवान शिव तत्व ज्ञान मन्दिर है लेकिन श्मशानभूमि में यह मंदिर होने की वजह से इस मंदिर को अब सभी लोग श्मशानधिपति के नाम से जानते हैं और अब बरेली के नाथ नगरी मंदिरों की तरह इस मंदिर की भी पहचान बढ़ती जा रही है. साथ ही कुछ युवा भक्त हमेशा यहां मन्दिर में आकर बाबा के श्रंगार को नया रुप देते हैं.दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं भक्तदुकानदार हेमंत का कहना है कि यह मंदिर काफी वर्षों पुराना है इस मंदिर में अब हज़ारों की संख्या में भक्त आने लगे हैं पहले यहां कोई नही आता था लेकिन अब सावन के समय मे काफी संख्या में कांवड़ियों का भी आना लगा रहता है. अब मन्दिर की काफी मान्यताएं बढ़ती जा रही हैं और हर उम्र का भक्त यहां दर्शन करने आता है..FIRST PUBLISHED : July 19, 2023, 18:03 IST
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Bhubaneswar : In a shocking incident from Odisha’s Keonjhar district, a man allegedly exhumed the skeletal remains of…

