Uttar Pradesh

बदलते मौसम के कारण लीची की फसल हो रही है खराब, तो बचाव के लिए किसान अपनाएं ये उपाय

Last Updated:June 24, 2025, 08:59 ISTLitchi Farming Tips: बदलते मौसम और गर्मी के कारण लीची की फसल प्रभावित हो रही है. गर्मी के चलते लीची के दानों गलन और फटने की संभावना बढ़ जाती है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं इस समस्या का समाधान.उत्तरप्रदेश के लखीमपुर-खीरी जिले में किसानों ने लीची का बगीचा तैयार किया है. गर्मियों के मौसम में बाजारों में लीची की डिमांड अधिक रहती है, जिस कारण बागवानी करने वाले किसानों को अच्छा खासा मुनाफा भी होता है. परंतु बदलते मौसम के कारण लीची के फलों के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है. जिस कारण पेड़ों में लगी लीची खराब होकर गिर जाती है, जिससे किसानों का काफी नुकसान होता है. जून के महीने में भीषण गर्मी होने के कारण फल गलन और फटने की समस्या होती है.किसान बताते हैं कि लीची के कुछ फलों में छिलका सख्त हो जाता है. फल के अंदर बढ़ते प्रेशर के कारण यह सख्त छिलका फट जाता है. इसके अलावा गर्मी भी लीची के फटने का एक बड़ा कारण है. क्योंकि गर्मी के चलते पेड़ में नमी कम हो जाती है और फल फटने लगते हैं.

फलों को फटने से बचाने के लिए उचित सिंचाई और जल प्रबंधन करें और फलों को फटने से बचाने के लिए सबसे आसान और प्रभावी तरीका यह है कि किसान अपने लीची के पेड़ों पर नियमित रूप से बौछार सिंचाई करें. इससे पेड़ में नमी बनी रहती है और लीची का छिलका मुलायम रहता है, जिससे फल फटने की समस्या कम हो जाती है. इसके अलावा, लीची के छिलके को मुलायम बनाने के लिए किसान बोरान और बोरिक एसिड का भी उपयोग कर सकते हैं.

इस दवा का करें छिड़काव फल फटने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोरान की 1 ग्राम मात्रा और बोरिक एसिड की 1 ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी के हिसाब से लीची के पेड़ों पर छिड़काव करें. इस छिड़काव को हफ्ते में कम से कम एक बार तब तक करते रहें जब तक पेड़ों पर फल रहते हैं. फल फटने की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा जिससे लीची के फल खराब नहीं होंगे।Location :Lakhimpur,Kheri,Uttar Pradeshhomeagricultureबदलते मौसम के कारण लीची की फसल हो रही है खराब, तो बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय

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