Uttar Pradesh

असीमित ऊर्जा और गुणों की खान…बीमारियों का काल हैं ये पौधे, मिल जाएंगे हर जगह

Agency:News18 Uttar PradeshLast Updated:January 26, 2025, 14:22 ISTAyurvedic health tips : हमारे आसपास ही कुछ ऐसे पौधे हैं, जो अस्पतालों और डॉक्टरों के चक्करों से मुक्त कर सेहतमंद और निरोग काया का वरदान बन सकते हैं. ये पौधे हमेशा से हमारी संस्कृति का हिस्सा रहे हैं. भले ही हम …और पढ़ेंX

औषधीय पौधे अमेठी. सेहतमंद और निरोग कौन नहीं रहना चाहता, लेकिन इसके लिए पहले से तैयारी बहुत ही कम लोग कर पाते हैं. बीमारियां जब घेर लेती हैं तो इंसान उनसे मुक्ति के इलाज खोजता है. जिनके पास पैसे हैं वो बड़े से बड़े डॉक्टरों को भेंट चढ़ाता है और जो आर्थिक रूप से कमजोर है, वो सरकारी अस्पतालों की लंबी कतारों में सिर पीटता है. इन अनगिनत और अंतहीन कहानियों के बीच हमारे आसपास ही कुछ चीजें ऐसी हैं, जो हमें इन चक्करों से मुक्त कर सेहतमंद और निरोग काया का वरदान बन सकती हैं. औषधि पौधे हमेशा से हमारी संस्कृति का हिस्सा रहे हैं.

बीमारियों को जड़ से खत्म करने के लिए और शरीर को असीमित ताकत देने के लिए औषधीय पौधे काफी महत्त्वपूर्ण होते हैं. इन पौधों में कई ऐसे औषधीय तत्व हैं, जो सेहत को फिट रखने में कारगर हैं. इनमें शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से दूर रखने के रामबाण गुण होते हैं. ऐसे ही कुछ औषधीय पौधे हमारे आसपास आसानी से मिल जाते हैं.

अरंडी

यह काफी कारगर औषधीय पौधा होता है. अरंडी के तेल के फायदे हम सब जानते हैं. ये स्किन को नरम रखने, घाव भरने और सूजन संबंधी इलाज में काफी फायदेमंद है. इसके सेवन से कब्ज से भी राहत मिलती है. अरंडी का तेल बालों की सेहत में सुधार करता है.

आंवला

आंवला खांसी, श्वास रोग और कब्ज की समस्या को दूर करता है. इसमें क्षय, छाती के रोग, हृदय रोग, मूत्र विकार आदि अनेक रोगों को नष्ट करने के गुण होते हैं. ये पौरुष बढ़ाता है, चर्बी घटाकर मोटापा दूर करता है. बाल लंबे और घने रखता है.

बांस 

बांस का पेड़ पाचन में मददगार होता है. बांस में सेल्युलोज की मात्रा अधिक होती है, जो आंतों को ठीक रखती है और पाचन में मदद करती है. बांस वेट लॉस में मददगार होने के साथ-साथ दिल के लिए भी अच्‍छा होता है. हड्डियों के लिए भी ये गुणकारी. बांस के उपयोग से त्वचा में सुधार होने के साथ-साथ इम्‍यूनिटी मजबूत होती है. ये डायबिटीज में भी फायदेमंद है.

करौंदा

करौंदे का खट्टा-मीठा फल जलन कम करने और विषनाशक औषधि के रूप में इस्तेमाल होता है. इसकी जड़ कृमिनाशक होती है. करौंदे की जड़ की छाल कफ और वात कम करने में सहायक होती है. ज्यादा मूत्र होने की समस्या और सामान्य दुर्बलता दूर करने में इसका सेवन औषधि के रूप में किया जाता है..

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

एक्सपर्ट डॉक्टर मनोज तिवारी के अनुसार, ये औषधियां  शरीर को फिट रखने में कारगर हैं. इनसे शरीर को अनेक फायदे होते हैं. ये हमें असीमित ताकत और बीमारियों से लड़ने और उन्हें जड़ से खत्म करने की ऊर्जा प्रदान करते हैं.
Location :Amethi,Lucknow,Uttar PradeshFirst Published :January 26, 2025, 14:22 ISThomelifestyleअसीमित ऊर्जा और गुणों की खान…बीमारियों का काल हैं ये पौधे, मिल जाएंगे हर जगह

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