Uttar Pradesh

अमेरिका की वजह से अलीगढ़ के तालों का बजेगा दुनिया में डंका, व्यापारियों की होने वाली है चांदी! जानिए कैसे?

Last Updated:May 02, 2025, 12:53 ISTAligarh News: अलीगढ़, जिसे ताला नगरी कहा जाता है, अपने मजबूत तालों के लिए प्रसिद्ध है. अमेरिकी टैरिफ बढ़ने से अलीगढ़ के ताला उद्योग को नया अवसर मिला है. हालांकि, डिजिटल ताले बनाने में पीछे है.X

अलीगढ़ के तालों को मिला नया मौका, अमेरिका-चीन टैरिफ वॉर बना वरदानहाइलाइट्सअलीगढ़ के ताले अब अमेरिका में अधिक निर्यात होंगे.चीन पर टैरिफ बढ़ने से अलीगढ़ को नया अवसर मिला.अलीगढ़ की ताला इंडस्ट्री को डिजिटल ताले बनाने की जरूरत.
वसीम अहमद /अलीगढ़: उत्तर प्रदेश का अलीगढ़, जिसे ताला नगरी के नाम से जाना जाता है, अपने मजबूत और भरोसेमंद तालों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है. यहां के तालों की मजबूती इतनी अधिक होती है कि अगर उनकी चाबी खो जाए, तो उन्हें तोड़ना आसान नहीं होता. अलीगढ़ का ताला उद्योग लगभग 154 साल पुराना है. सन् 1870 में एक ब्रिटिश व्यक्ति ने यहां ताले बनवाने की शुरुआत की थी. पहले कुछ पुर्जे इंग्लैंड से आते थे, लेकिन समय के साथ पूरी ताला निर्माण प्रक्रिया अलीगढ़ में ही होने लगी. आज यहां करीब 5,000 छोटी-बड़ी इकाइयां ताले और हार्डवेयर का उत्पादन करती हैं.

जानकारी देते हुए अलीगढ़ के ताला कारोबारी ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर टैरिफ 125% से बढ़ाकर 245% कर देने के फैसले का असर वैश्विक व्यापार पर पड़ा है. चीन हर साल अमेरिका को लगभग 1.19 अरब डॉलर के ताले निर्यात करता था, लेकिन टैरिफ बढ़ने से चीनी ताले महंगे हो गए हैं. इससे भारत के अलीगढ़ शहर के ताला कारोबारियों के लिए एक नया अवसर बनता नजर आ रहा है. अलीगढ़ से पहले भी अमेरिका को कुछ ताले और ब्रास हार्डवेयर निर्यात किए जाते थे, लेकिन अब यह संभावना बन रही है कि अमेरिका में अलीगढ़ के ताले अधिक निर्यात होंगे क्योंकि वे सस्ते और मजबूत हैं.

हालांकि, ताला कारोबारी ज्ञानेंद्र मिश्रा का मानना है कि अलीगढ़ की ताला इंडस्ट्री फिलहाल डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक लॉक निर्माण में पीछे है, जबकि अमेरिका में इनकी मांग ज्यादा है. अगर अलीगढ़ के निर्माता इस तकनीक में महारत हासिल कर लें, तो उन्हें बहुत बड़ा लाभ हो सकता है. अभी अलीगढ़ में आधुनिक तकनीक से बने कुछ ताले जैसे पिन सिलेंडर लॉक लोकप्रिय हो रहे हैं, जिन्हें दोहराना लगभग नामुमकिन है.

उन्होंने कहा कि इस टैरिफ वॉर से फिलहाल अलीगढ़ को सीमित फायदा होगा, लेकिन यदि उद्योग डिजिटल ताले बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए, तो यह अवसर अलीगढ़ की ताला इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है.
Location :Aligarh,Aligarh,Uttar Pradeshhomeuttar-pradeshअमेरिका की वजह से अलीगढ़ के तालों का बजेगा दुनिया में डंका, जानिए कैसे?

Source link

You Missed

India Asks Bangladesh to Expedite Verification of Immigrants
Top StoriesMay 8, 2026

भारत ने बांग्लादेश से आगंतुकों के सत्यापन को तेज़ करने का अनुरोध किया

नई दिल्ली: भारत ने गुरुवार को बांग्लादेश से अनौपचारिक प्रवासियों के पुनर्वास के लिए राष्ट्रीयता सत्यापन को तेज…

Singapore Model Inspires AP Governance Reforms at Collectors’ Conference
Top StoriesMay 8, 2026

सिंगापुर का मॉडल एपी शासन सुधारों को प्रेरित करता है कलेक्टरों के सम्मेलन में

विजयवाड़ा: सिंगापुर के प्रशासनिक प्रथाओं से प्रेरणा लेकर, आंध्र प्रदेश सरकार ने गुरुवार को अमरावती में आयोजित सातवें…

Scroll to Top