रिपोर्ट: हरिकांत शर्मा
आगरा: बहुत से काम हम केवल इस वजह से नहीं कर पाते हैं कि लोग क्या कहेंगे, लेकिन लोगों की परवाह न किए बगैर 55 साल की उम्र में ये बुजुर्ग महिलाएं अब स्कूल जा रही हैं. अब उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या कहेंगे. हम आपको ऐसी महिलाओं से मिलाने जा रहे हैं, जिन्होंने रूढ़िवादी सोच से अपने आप को आजाद किया है. यह आजादी इन्हें इस बात से मिली है कि अब ये किसी भी उम्र में स्कूल जा कर पढ़ सकती हैं. आगरा के दयालबाग की बुजुर्ग महिलाएं 55 साल की उम्र में स्कूल जा रही हैं. जिस स्कूल में उनके घर के छोटे बच्चे पढ़ते हैं, उसी स्कूल में वह भी पढ़ कर अज्ञानता के अंधकार को मिटा रही हैं.
यहां पोता-पोतियों के साथ स्कूल जाती हैं दादियांआगरा के दयालबाग के खेल गांव स्थित ‘एक पहल पाठशाला’ है. इस पाठशाला में 55 से 60 उम्र की तमाम महिलाएं अब स्कूल आती हैं. खास बात यह है कि इसी स्कूल में उनके पोते और पोतियां भी पढ़ती हैं. एक ही स्कूल में दादी पढ़ाई करते हैं तो वहीं दूसरी क्लास में उनके पोते और पोतियां. साथ ही घर पहुंच कर पोते पोतियां दादियों को ट्यूशन भी देते हैं. घर वालों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है.
पढ़ने लिखने की नहीं होती कोई उम्रदयालबाग के आसपास के क्षेत्रों की लगभग 60 महिलाएं ऐसी हैं जिनमें से कई 55 साल की उम्र पूरी कर चुकी हैं. सबकी अलग-अलग कहानियां हैं.इनमें से एक दयालबाग की ही रहने वाली गुड्डी देवी हैं. जो राशन की दुकान पर जब राशन लेने के लिए जाती थीं तो वहां उन्हें हर बार अंगूठा लगाना पड़ता था. जिससे उन्हें शर्मिंदगी भी महसूस होती थी. इसी शर्मिंदगी को उन्होंने हथियार बनाया और अब वह स्कूल में पढ़ रही हैं. गुड्डी देवी जैसी तमाम महिलाओं हैं, जिन्होंने उम्र की सीमाओं को त्याग कर साक्षर बन रही हैं.
एक पहल पाठशाला दे रही निशुल्क शिक्षा‘एक पहल पाठशाला’ की बदौलत ही संभव हो पाया कि ये बुजुर्ग महिलाएं अब स्कूल जा रही हैं.2009 में इसी उम्मीद के साथ मनीष राय और सहयोगी ने ‘एक पहल पाठशाला’ एनजीओ की शुरुआत की थी.अब वे तमाम गरीब बच्चों और महिलाओं को निशुल्क शिक्षा देकर उन्हें स्वाबलंबी बना रहे हैं.वर्तमान में इस पाठशाला में लगभग 600 से ज्यादा बच्चे निशुल्क पढ़ते हैं और इसी स्कूल में 60 से ज्यादा महिलाएं हैं भी शिक्षा ग्रहण कर रही हैं.
आसान नहीं था इन बुजुर्ग महिलाओं को स्कूल तक लानाएक पहल पाठशाला की सदस्य शुभांगी बताती है कि शुरुआत में आसान नहीं था.महिलाओं को इस उम्र के पड़ाव पर स्कूल तक लाना. शुरुआत में इन महिलाओं को जोड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी.अब शिक्षा के साथ-साथ इन महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है.पढ़ाई के साथ साथ सिलाई कढ़ाई औऱ कंप्यूटर की भी शिक्षा निशुल्क दी जा रही है.अब इस स्कूल में गुड्डी देवी, ममता वर्मा, रेखा सिंह ,मंजू देवी जैसी तमाम गृहणियां अपने घर की जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ स्कूल आती हैं.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: Agra news, Uttar pradesh newsFIRST PUBLISHED : August 17, 2022, 12:42 IST
Source link
Rana, Akshay Kumar to Headline Chandoo Mondeti’s Pan-India Epic?
If ongoing buzz is anything to go by, director Chandoo Mondeti is gearing up for his most ambitious…

