उत्तर प्रदेश के निर्यात कारोबार पर मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव का सीधा असर
कानपुर: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने अब उत्तर प्रदेश के निर्यात कारोबार की कमर तोड़नी शुरू कर दी है. सबसे बड़ा झटका बासमती चावल और कृषि उत्पादों के निर्यात को लगा है. ईरान, जो भारत खासकर यूपी से बड़े पैमाने पर चावल और बासमती चावल खरीदता था, वहां का कारोबार लगभग ठप हो गया है. निर्यातकों का कहना है कि हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो सकता है. सिर्फ कानपुर में ही दो दिनों के भीतर करीब 500 करोड़ रुपये के ऑर्डर होल्ड हो चुके हैं.
उत्तर प्रदेश से बड़ी मात्रा में बासमती चावल ईरान भेजा जाता रहा है. वहां की मंडियों में भारतीय चावल की अच्छी मांग रहती थी. लेकिन मौजूदा हालात में पेमेंट, शिपमेंट और बीमा से जुड़ी दिक्कतें बढ़ गई हैं. निर्यातकों के मुताबिक, जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और कई कंटेनर बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं. अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो चावल कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
उत्तर प्रदेश के लिए यूएई और जीसीसी देश बड़ा हब थे, अब सब ठप
उत्तर प्रदेश के लिए United Arab Emirates खासकर दुबई बड़ा निर्यात केंद्र रहा है. यहां से माल आगे दूसरे खाड़ी देशों में भेजा जाता था, लेकिन अब वहां से ऑर्डर आना बंद हो गए हैं. खाड़ी देशों का समूह Gulf Cooperation Council (जीसीसी) जिसमें सऊदी अरब, यूएई, ओमान, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे छह बड़े देश शामिल हैं. यूपी के उत्पादों के बड़े बाजार रहे हैं. मौजूदा हालात में इन देशों तक भी कारोबार की रफ्तार थम गई है. चमड़ा, फुटवियर, टेक्सटाइल, कालीन, कृषि उत्पाद, फल-सब्जियां, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सामान बड़े पैमाने पर इन देशों को भेजे जाते थे.
लेदर इंडस्ट्री को हजार करोड़ का झटका
लेदर सेक्टर में ही करीब एक हजार करोड़ रुपये के ऑर्डर होल्ड हो चुके हैं. दुबई और यूएई में हर सीजन भारतीय उत्पादों की मांग रहती थी, लेकिन फिलहाल वहां सन्नाटा है. काउंसिल के क्षेत्रीय अध्यक्ष असद इराकी ने निर्यातकों से धैर्य रखने की अपील की है. उनका कहना है कि यह मुश्किल समय है, लेकिन जल्द हालात सुधरने की उम्मीद है. कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर उत्तर प्रदेश के निर्यात पर पड़ रहा है. अगर हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले 15 दिनों में डेढ़ से दो हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है. अब सबकी नजर आने वाले कुछ दिनों पर टिकी है.

