होली पर किया ये अनिष्टकारी काम, तो रंग में पड़ जाएगा भंग!
होली रंगों का त्यौहार है, जिसे मिल-जुलकर सभी मनाते हैं. गुझिया की मिठास और रंगों के उल्लास के बीच यह पर्व मनाया जाता है. बदलते समय के साथ ही होली पर रंग के साथ नशे का उपयोग होता है. भांग और शराब के नशे में लोग होली का त्यौहार मनाते हैं. इससे न सिर्फ होली का पर्व फीका पड़ता है, बल्कि शास्त्रों के अनुसार नुकसान भी है. शास्त्रों के अनुसार, कहीं पर भी होली पर्व पर शराब या नशे का जिक्र नहीं है. ऐसे में इसके नुकसान दूरगामी दिखते हैं. ग्रहों का प्रभाव बदलता है और संतुलन भी गड़बड़ होता है.
विंध्यधाम के विद्वत्तापूर्ण पं. अनुपम महाराज ने बताया कि अगर नशा करना है, तो सबसे बड़ा नशा भगवत नाम का होता है. होली पर किसी भी तरह का नशा करने से परहेज करें. इस बार होली से एक दिन पहले ग्रहण लग रहा है. यह ग्रहण पूर्णिमा पर लग रहा है. पूर्णिमा और होली एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. ग्रहण काल या ग्रहण काल के आसपास यदि नशा करते हैं, तो राशियों के अनुसार अलग-अलग फल मिलता है.
इन चीजों का बिल्कुल ना करें सेवन
उन्होंने बताया कि यदि नशा करेंगे तो निःसंदेह आपका नुकसान होगा. कोशिश करें कि भांग, मदिरा और मांस से बचकर रहें. अगर आप इसका सेवन करेंगे, तो ग्रह रूष्ट होंगे और नुकसान होना तय है. ऐसे में होली पर कोई भी ऐसा काम ना करें, जो शास्त्रों के अनुरूप नहीं हो. शास्त्र सम्मत चीजों को करने से होली पर विशेष लाभ होगा.
शास्त्रों में नहीं है वर्णित
पं. अनुपम महाराज ने बताया कि होली रंगों का पर्व है. ऐसे में रंग खेले, मिठाई खाए, गुझिया खाए, हर्षोल्लास के साथ यह पर्व मनाए. यह होली मनाने का पारंपरिक तरीका है. होली आनंद का पर्व है. ऐसे में आनंद के साथ त्यौहार को मनाना चाहिए. किसी भी प्रकार का कोई नशा नहीं करें. होली पर नशा करना किसी भी धर्म, शास्त्र या पुराण में जिक्र नहीं है. ऐसे में कोई भी ऐसा काम करने से बचें, जिससे ईष्ट देवता नाराज हो. होली पर इन बातों का ख्याल रखेंगे तो आपका त्यौहार अच्छे से बीतेगा और रंग में भंग नहीं होगा.

