सुल्तानपुर में सब्जी की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी का चयन
भारत एक ऐसा देश है, जो कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला देश रहा है. आजादी के बाद से आज भी देश की लगभग 55 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है. जिस हिसाब से समय बदल रहा है, उसी के साथ भारतीय कृषि में भी बड़ा परिवर्तन हुआ है. अब पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ वैज्ञानिक तकनीक और आधुनिक संसाधनों को अपनाया जा रहा है. वहीं अगर हम सब्जी की खेती की बात करें, तो सही योजना और वैज्ञानिक तैयारी से इसकी पैदावार कई गुना बढ़ाई जा सकती है.
खासतौर पर सब्जी की बुवाई से पहले खेत और मिट्टी की उचित तैयारी जरूरी होती है. वहीं मृदा परीक्षण, जैविक और रासायनिक संतुलन, उचित जुताई, जल निकास और पोषक तत्वों का सही प्रबंधन किया जाए, तो सब्जी की फसल अधिक स्वस्थ, रोगमुक्त और उच्च उत्पादन देने वाली साबित होती है. ऐसे में आइए मृदा विशेषज्ञ से जानते हैं कि सब्जी की बुवाई करने से पहले कौन सी मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है और इसका किस तरह से उपचार किया जा सकता है.
मिट्टी की जांच करना आवश्यक
लोकल 18 से मृदा परीक्षण प्रयोगशाला सुल्तानपुर में कार्यरत मृदा विशेषज्ञ सौरभ तिवारी ने कहा कि किसी भी सब्जी की खेती करने से पहले हमें उसे खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए, ताकि हमें यह पता चल सके कि हमारी मृदा में कौन से पोषक तत्वों की कमी है और उस कमी को हम कैसे दूर करें.
जैविक खाद का इस्तेमाल करें
सब्जी की खेती करने से पहले जब हम खेतों को तैयार करने लगे, तो हमें यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि सब्जी की फसल में रसायनों की मात्रा कम हो, बल्कि इसके स्थान पर जैविक खाद का प्रयोग अधिक मात्रा में हो. इससे सब्जी की फसल की पैदावार में भी बढ़ोतरी होती है और सब्जी का स्वाद भी प्राकृतिक रूप से अच्छा होता है. दोमट मिट्टी में हम जब जैविक खाद का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे हमारी सब्जी की पैदावार में और अधिक बढ़ोत्तरी होती है.
मिट्टी का चयन करें
वैसे तो सब्जियों की खेती कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे जलवायु सिंचाई के संसाधन, रसायनों की उपलब्धता, बीजों की गुणवत्ता आदि. लेकिन अगर हम खेतों की मिट्टी की बात करें, तो सब्जी की खेती के लिए सबसे उपयुक्त दोमट चिकनी मिट्टी मानी जाती है, क्योंकि इस मिट्टी में सिंचाई करने पर नमी अधिक दिनों तक रहती है और इसमें उत्पादन क्षमता भी अधिक होती है. सब्जियों की खेती करने के लिए दोमट मिट्टी बेहतर मानी जाती है.

