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होली स्किन केयर | होली के बाद स्किन केयर टिप्स | होली के रंगों से त्वचा की सुरक्षा | होली में त्वचा की देखभाल कैसे करें |

होली के रंगों का उत्साह कहीं आपकी त्वचा के लिए भारी न पड़ जाए, इसके लिए मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत सिंह ने कुछ बेहद जरूरी सुझाव दिए हैं।

होली का त्योहार खुशियों और रंगों का पर्व है, लेकिन सावधानी न बरती जाए तो यही रंग आपकी त्वचा के लिए घातक साबित हो सकते हैं। बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले रंग और गुलाल त्वचा पर जलन, खुजली और एलर्जी पैदा कर सकते हैं। इसी विषय पर हमने लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के चर्म एवं गुप्त रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरजीत सिंह से विशेष बातचीत की और जाना कि होली के दौरान त्वचा का ख्याल कैसे रखें.

होली खेलने से पहले अपनाएं यह सुरक्षा कवच

डॉ. अमरजीत सिंह ने सलाह दी है कि होली खेलने घर से बाहर निकलने से पहले अपनी त्वचा की सुरक्षा की तैयारी कर लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि केमिकल आधारित रंगों के असर को कम करने के लिए चेहरे और शरीर के खुले हिस्सों पर ‘गोले का तेल’ (नारियल तेल) या कोई अच्छा मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। ऐसा करने से त्वचा पर एक सुरक्षा परत बन जाती है, जिससे रंगों का हानिकारक प्रभाव त्वचा के रोमछिद्रों के अंदर नहीं समा पाता और बाद में रंग छुड़ाना भी आसान हो जाता है।

बदलते मौसम और त्वचा का ध्यान

चूंकि होली के समय मौसम में भी बदलाव हो रहा है, इसलिए त्वचा अधिक संवेदनशील हो जाती है। डॉ. सिंह के अनुसार, इस समय हल्की सी लापरवाही भी लंबे समय तक त्वचा की परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि जितना संभव हो सके प्राकृतिक और हर्बल रंगों का ही उपयोग करें। कुछ सस्ते गुलाल में भी कांच के कण या हानिकारक रसायन हो सकते हैं, जो चेहरे पर रगड़ने से घाव या गंभीर इन्फेक्शन दे सकते हैं।

अगर लग जाए पक्का रंग, तो क्या करें?

अक्सर लोग पक्का रंग छुड़ाने के लिए त्वचा पर कठोर साबुन या अन्य केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं। डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि यदि चेहरे पर पक्का रंग लग गया है, तो उसे सबसे पहले सादे पानी से धोएं और अपने नियमित साबुन का उपयोग करें। यदि रंग नहीं छूट रहा है, तो उसे बार-बार न रगड़ें। ज्यादा रगड़ने से त्वचा छिल सकती है और घाव हो सकते हैं। ऐसे में धैर्य रखें और धीरे-धीरे प्राकृतिक तरीके से रंग को निकलने दें।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि अगर होली खेलने के बाद त्वचा पर खुजली, जलन या दाने उभरने लगें, तो घर पर खुद से इलाज करने के बजाय तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं। अक्सर देखा जाता है कि होली के बाद अस्पतालों में आंखों और त्वचा से जुड़ी समस्याओं के मरीज बढ़ जाते हैं। यदि लोग पहले से ही सावधानी रखें और बचाव के तरीके अपनाएं, तो उन्हें अस्पताल जाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

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