यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी का इलाका रियल एस्टेट बाजार का उभरता हुआ हॉटस्पॉट बनता जा रहा है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने इस इलाके को नई पहचान दी है. शुरुआती वर्षों में विकास की गति धीमी रही, लेकिन एयरपोर्ट परियोजना की घोषणा के बाद से इलाके की तस्वीर तेजी से बदलने लगी. सेक्टर 18 और सेक्टर 20 के अलावा सेक्टर 17, सेक्टर 22D और सेक्टर 24 में भी प्लॉटों की अच्छी मांग देखने को मिल रही है. ग्रेटर नोएडा में एयरपोर्ट के नजदीक स्थित यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी क्षेत्र इन दिनों रियल एस्टेट बाजार का उभरता हुआ हॉटस्पॉट बनता जा रहा है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति ने इस इलाके को नई पहचान दी है. जिस क्षेत्र को कभी भविष्य की संभावना के रूप में देखा जाता था, वह अब तेजी से निवेशकों और घर खरीदने वालों की पहली पसंद बनता दिखाई दे रहा है.
स्थानीय प्रॉपर्टी कारोबारी दक्ष शर्मा के अनुसार, वर्तमान में यहां रीसेल मार्केट में प्लॉटों का रेट लगभग 60 हजार से 70 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच चुका है. अथॉरिटी द्वारा निर्धारित दर 35 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है. बाजार रेट और अथॉरिटी रेट के बीच लगभग दोगुना अंतर इस बात का संकेत है कि मांग तेजी से बढ़ रही है और निवेशकों को भविष्य में और बेहतर रिटर्न की उम्मीद है. YEIDA हर साल अप्रैल में अपने रेट रिवाइज करती है और यह फैसला बोर्ड मीटिंग में बाजार की स्थिति को देखते हुए लिया जाता है. ऐसे में आने वाले समय में अथॉरिटी रेट में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है.
इस क्षेत्र का पहला फेज वर्ष 2009 में लॉन्च किया गया था. उस समय लगभग 21 हजार प्लॉटों की स्कीम निकाली गई थी. 300 वर्ग मीटर से लेकर 4000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट उपलब्ध कराए गए थे, जिससे छोटे और बड़े दोनों प्रकार के निवेशकों को अवसर मिला. शुरुआती वर्षों में विकास की गति धीमी रही, लेकिन एयरपोर्ट परियोजना की घोषणा के बाद से इलाके की तस्वीर तेजी से बदलने लगी. सेक्टर 18 और सेक्टर 20 के अलावा सेक्टर 17, सेक्टर 22D और सेक्टर 24 में भी प्लॉटों की अच्छी मांग देखने को मिल रही है. इन सभी सेक्टरों में दरें लगभग समान स्तर पर हैं, हालांकि लोकेशन और प्लॉट साइज के आधार पर थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है. विशेष रूप से छोटे प्लॉटों की मांग ज्यादा है. 120 वर्ग मीटर के प्लॉट का मौजूदा बाजार रेट 90 हजार से 1 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच चुका है.
जानकारों का मानना है कि भविष्य में यह दर डेढ़ लाख से 2 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर तक जा सकती है. एयरपोर्ट की निकटता इस पूरे विकास की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है. एयरपोर्ट बनने से न केवल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और व्यापार के अवसर भी बढ़ेंगे. इसके साथ ही बेहतर सड़क नेटवर्क, औद्योगिक विकास और प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं इस इलाके को और मजबूती प्रदान कर रही हैं. निवेशकों का विश्वास है कि एयरपोर्ट के चालू होते ही यहां संपत्ति की मांग में और तेजी आएगी. सुव्यवस्थित सेक्टर प्लानिंग, चौड़ी सड़कें, हरित वातावरण और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए YEIDA क्षेत्र अब केवल निवेश का ही नहीं, बल्कि आवास के लिए भी उपयुक्त विकल्प बनता जा रहा है. कई परिवार यहां दीर्घकालिक निवेश और भविष्य के घर के रूप में प्लॉट खरीद रहे हैं.

