Uttar Pradesh

‘मेरा भाई मुख्तार गैंग का हिस्सा’…GST अफसर प्रशांत सिंह ने वापस लिया इस्तीफा, फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट पर क्या बोले?

Last Updated:January 31, 2026, 18:53 ISTAyodhya GST Officer Prashant Singh : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा देने वाले अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने दोबारा नौकरी ज्वाइन कर ली है. उन्होंने 27 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की टिप्पणियों से आहत होने के बाद इस्तीफा दे दिया था. इससे एक दिन पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने UGC के नए प्रावधानों के विरोध में और शंकराचार्य के समर्थन में अपना पद छोड़ दिया था. इन दोनों इस्तीफों से प्रदेश की राजनीति कई दिनों तक गरमाई रही.
अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह पर उनके भाई ने ही आरोप लगाए थे. अयोध्या. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा देकर सुर्खियों में आए आयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने फिर से नौकरी ज्वाइन कर ली है. प्रशांत कुमार ने 27 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर आहत होने के बाद इस्तीफा दे दिया था. अयोध्या राज्य कर विभाग के उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने कहा है कि मैंने अपने त्यागपत्र को वापस ले लिया है. मुझ पर कोई दबाव नहीं है. बिना किसी दबाव से मैंने अपना इस्तीफा वापस लिया है. आज मैं अपने कार्यालय में हूं और अपना कार्य कर रहा हूं.

अपने भाई के आरोपों पर उन्होंने कहा, “मेरे भाई (विश्वजीत सिंह) मुख्तार अंसारी की मऊ गैंग के सक्रिय सदस्य हैं और उनके आर्थिक सलाहकार रहे हैं. उनके ऊपर तमाम आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं. उस (विश्वजीत सिंह) व्यक्ति ने अपने माता-पिता को मारा-पीटा, जिसके संबंध में FIR दर्ज है. JIO ब्रांच मैनेजर को भी जान से मारने की धमकी दी. ये व्यक्ति जबरन वसूली करता है. उनका काम पैसों के लिए दबाव बनाना है. वे एक आपराधिक व्यक्ति हैं.”

‘क्यों बताया जा रहा फर्जी’फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट मामले पर प्रशांत कुमार ने कहा, “उन्होंने (विश्वजीत सिंह) साल 2021 में CMO मऊ को एक प्रार्थना पत्र दिया कि प्रशांत कुमार सिंह ने जो (दिव्यांग) प्रमाणपत्र दिया है, वो फर्जी है क्योंकि उस पर दिन अंकित नहीं है और उस पर डॉक्टरों के हस्ताक्षर नहीं है. CMO मऊ ने उसकी (विश्वजीत सिंह) ओर से बनाए गए फर्जी प्रमाणपत्र को संज्ञान में नहीं लिया बल्कि सीधे-सीधे मुझे जांच के लिए आदेश दिए. जबकि उनके (CMO मऊ) ही कार्यालय से मुझे प्रमाणपत्र जारी किया गया था. CMO को चाहिए था कि वे जांच लेते कि प्रमाणपत्र जारी है या नहीं. मैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या के सामने प्रस्तुत हुआ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या ने CMO मऊ से पूछा कि ये प्रमाणपत्र सही है या नहीं. इसके जवाब में CMO साहब लिख कर बताते हैं कि प्रमाणपत्र सही है. मैं पूछना चाहता हूं कि फिर बार-बार मेरे प्रमाणपत्र को फर्जी क्यों बताया जा रहा है.”About the AuthorPriyanshu GuptaPriyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ेंLocation :Ayodhya,Faizabad,Uttar PradeshFirst Published :January 31, 2026, 18:53 ISThomeuttar-pradesh’मेरा भाई मुख्तार गैंग का हिस्सा’…GST अफसर प्रशांत सिंह ने वापस लिया इस्तीफा

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