Uttar Pradesh

कृष्ण की काली मूर्ति, 24 देवी-देवता और 1881 का इतिहास… गाजीपुर में छुपा है बेहद ही खास मंदिर

Last Updated:June 26, 2025, 11:49 ISTUP News: गाजीपुर के कोयला घाट इलाके में स्थित 144 साल पुराना राधा-कृष्ण मंदिर आज भी आम भक्तों के लिए नहीं खुलता. सिर्फ जन्माष्टमी पर ही इस मंदिर के पट खुलते हैं. यहां 24 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं हैं और कृष्ण क…और पढ़ेंगाजीपुर: गाजीपुर शहर में एक मंदिर है जो न सिर्फ आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थापत्य कला की दृष्टि से भी बेजोड़ है. यह मंदिर आज से करीब 144 साल पुराना है. गाजीपुर के कोयला घाट के पास स्थित गंगा किनारे यह मंदिर बाहर से ही देखने पर एक खूबसूरत आलीशान और एक धरोहर के रूप में दिखता है. शिलालेख में अंकित “संवत् 1938” के अनुसार, इसका निर्माण 1881 में हुआ था.यह मंदिर गाजीपुर के पहले सांसद हरिप्रसाद सिंह ने राजा डुमरांव से लिया था. यह एक निजी पारिवारिक मंदिर है, जो आज भी एक ऐतिहासिक विरासत के रूप में सुरक्षित है.

दक्षिण भारतीय शैली में बना मंदिरलोकल18 की टीम ने हरिप्रसाद सिंह गाजीपुर के पहले संसद के वंशजों से बात की. ओम प्रकाश सिंह ने कहा, मंदिर की सबसे खास बात है इसका दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली में बना होना. इसकी दीवारों, दरवाजों और मेहराबों पर की गई नक्काशी में पक्षी, फूल और पत्तियों की आकृतियां बनी हैं, जो दक्षिण भारत के मंदिरों की याद दिलाती हैं. इसके अलावा, प्रवेश द्वार के ऊपर सोने की चमक से उकेरा गया शिलालेख इसकी प्राचीनता की पुष्टि करता है.

गाजीपुर के पहले सांसद हरिप्रसाद सिंह इसी डुमरांव राजघराने से ताल्लुक रखते थे.

उन्होंने 1952 में गाजीपुर लोकसभा सीट से पहला आम चुनाव जीता था.

वे समाज सुधार, शिक्षा और कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं.

निजी परिसर में है मंदिरयह मंदिर आम जनता के लिए प्रतिदिन नहीं खुलता है. यह अब भी हरिप्रसाद सिंह के वंशजों की निजी विरासत है. मंदिर में अगस्त महीने में जन्माष्टमी पर विशेष पूजा, झांकी और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है. वंशजों का कहना है कि पहले मंदिर के बाहर रंग-बिरंगी आकृतियां और प्रतिमाएं थीं, लेकिन समय-समय पर रंग-रोगन और मेंटेनेंस के चलते कुछ बदलाव हुए. फिर भी, आज भी यह मंदिर स्थापत्य, संस्कृति और इतिहास का अद्भुत नमूना है, जो गाजीपुर की पहचान को जीवित रखे हुए है.Location :Ghazipur,Ghazipur,Uttar Pradeshhomeuttar-pradeshकृष्ण की काली मूर्ति, 24 देवी-देवता और… गाजीपुर में छुपा है खास मंदिर

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