डिप्रेशन जैसी मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, रोजाना फलों और सब्जियों का सेवन डिप्रेशन के खतरे को कम कर सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि फलों और सब्जियों में पाए जाने वाले पोषक तत्व मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
ब्रिटेन में हुए इस शोध में पाया गया कि जो लोग अपनी डाइट में पर्याप्त मात्रा में फल और सब्जियां शामिल करते हैं, उनमें डिप्रेशन का खतरा कम हो जाता है. अध्ययन में 18 से 60 साल के 5,000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया. इसमें यह देखा गया कि जिन लोगों ने दिन में कम से कम पांच सर्विंग फल और सब्जियां खाईं, उनके मेंटल हेल्थ में सुधार देखने को मिला.
शोधकर्ताओं के अनुसार, फलों और सब्जियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन और मिनरल्स तनाव को कम करने और मूड को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. खासकर, विटामिन सी और फाइबर से भरपूर फूड्स दिमाग को शांत रखते हैं और डिप्रेशन के लक्षणों को कम करते हैं.
किन फलों का करें सेवन?केला: इसमें ट्रिप्टोफैन और विटामिन बी6 पाया जाता है, जो मूड को बेहतर करता है.ब्लूबेरी: एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह फल तनाव को कम करता है.संतरा और मौसमी: विटामिन सी का बेहतर सोर्स, जो दिमाग को शांत करता है.
सब्जियां:पालक: आयरन और फोलेट से भरपूर यह सब्जी मेंटल हेल्थ को दुरुस्त करती है.ब्रोकली: इसमें सल्फोराफेन नामक तत्व पाया जाता है, जो तनाव को कम करता है.गाजर: इसमें बीटा-कैरोटीन होता है, जो दिमाग को रिलैक्स करता है.
डाइट में बदलाव से डिप्रेशन का इलाजविशेषज्ञों का कहना है कि दवा और थेरेपी के साथ अगर आहार पर ध्यान दिया जाए तो डिप्रेशन से लड़ना और भी आसान हो सकता है. फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड को छोड़कर, फलों और सब्जियों से भरपूर डाइट लेने से शरीर में सेरोटोनिन का लेवल बढ़ता है, जो मूड को अच्छा करने में मदद करता है.
सिर्फ शरीर नहीं, दिमाग भी रहेगा हेल्दीफलों और सब्जियों से न केवल आपका शरीर हेल्दी रहेगा, बल्कि यह मेंटल हेल्थ को भी मजबूती प्रदान करेगा. यदि आप खुद को उदास महसूस कर रहे हैं, तो आज से ही अपने आहार में ताजे फल और सब्जियां शामिल करें और एक खुशहाल जीवन का आनंद लें.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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