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Shyam Benegal was suffering from chronic kidney disease know everything about CKD dangerous disease | श्याम बेनेगल की मौत का कारण बनी क्रोनिक किडनी डिजीज, जानिए कितनी खतरनाक है यह बीमारी



Shyam Benegal death reason: हिंदी सिनेमा को ‘अंकुर’, ‘मंथन’ और ‘मंडी’ जैसी श्रेष्ठ फिल्में देने वाले प्रख्यात फिल्मकार श्याम बेनेगल (Shyam Benegal) का बीते सोमवार (23 दिसंबर) को मुंबई के वॉकहार्ट अस्पताल में निधन हो गया. वह 90 वर्ष के थे और लंबे समय से क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से पीड़ित थे. उनकी बेटी पिया बेनेगल ने जानकारी दी कि उनका निधन शाम 6:38 बजे हुआ. श्याम बेनेगल के परिवार में उनकी पत्नी नीरा बेनेगल और बेटी पिया बेनेगल हैं.
क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) एक लॉन्ग टर्म बीमारी है, जिसमें किडनी धीरे-धीरे अपने काम करने की क्षमता खो देती है. यह बीमारी शुरुआती दौर में खामोशी से अपना असर दिखाती है, लेकिन जैसे-जैसे यह बढ़ती है, इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. सीकेडी के प्रमुख लक्षणों में थकावट, सूजन, पेशाब में बदलाव, हाई ब्लड प्रेशर और भूख की कमी शामिल हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी तब होती है जब किडनी लंबे समय तक सही ढंग से काम नहीं कर पाती. इसके कारण शरीर में जहरीले पदार्थ और तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं, जो अन्य अंगों पर नेगेटिव प्रभाव डाल सकते हैं. यह बीमारी मुख्य रूप से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और जेनेटिक कारणों से होती है.
कितनी खतरनाक है यह बीमारी?क्रोनिक किडनी डिजीज धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना सकती है. यह बीमारी समय पर इलाज न मिलने पर किडनी फेलियर का कारण बन सकती है. जब किडनी पूरी तरह काम करना बंद कर देती है, तो मरीज को डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन समय पर इलाज और सही देखभाल से इसे कंट्रोल किया जा सकता है. मरीजों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल की जांच करवानी चाहिए. साथ ही, सिगरेट और शराब से बचना चाहिए और बैलेंस डाइट लेना चाहिए.
श्याम बेनेगल की मौत पर सिनेमा जगत में शोकश्याम बेनेगल का भारतीय सिनेमा में योगदान अमूल्य है. उनके निधन से सिनेमा जगत में शोक की लहर है. फिल्म निर्माता हंसल मेहता और लेखक जावेद अख्तर ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि श्याम बेनेगल ने सिनेमा को एक नई दिशा दी. उनकी फिल्मों ने समाज की गहरी समस्याओं को दिखाया और लोगों को सोचने पर मजबूर किया.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.



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