Uttar Pradesh

अगर नहीं हो पा रहे रामलला की आरती में शामिल, तो ना हो परेशान, यहां करिए संपूर्ण दर्शन



सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या : सरयू तट पर बसी भगवान राम की नगरी अयोध्या मंदिरों की वजह से पूरे देश और दुनिया में विख्यात है. इसी अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ. लंबे अरसे से चले आ रहे मंदिर-मस्जिद विवाद पर विराम लगा. आज प्रभु राम लला का भव्य और दिव्य मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के लिए बनकर तैयार हो गया है. पूरे देश और दुनिया के राम भक्त धर्म नगरी अयोध्या पहुंच रहे हैं और अपने आराध्य के दर्शन पूजन कर रहे हैं.

दर्शन पूजन करने के साथ-साथ राम भक्तों में यह जिज्ञासा भी रहती है कि वह अपने आराध्य के आरती में भी शामिल हो. आरती में शामिल होने के लिए तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तरफ से पास जारी किया जाता है . जिसमें एक बार में 30 रामभक्त ही शामिल हो सकते हैं. यानी कि एक साथ वैसे तो 60 लोगों की व्यवस्था है लेकिन 30 वीवीआईपी और वीआईपी के लिए है. किसी कारण वस अगर आप रामलाल की आरती में नहीं शामिल हो पा रहे हैं तो आज हम आपको घर बैठे रामलला के दर्शन और उनकी आरती के दर्शन कराते हैं.

कैसे बने रामलाल की आरती का पास ?दरअसल,  राम लला की आरती में शामिल होने के लिए आपको श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से पास बनवाना पड़ेगा. जिसके माध्यम से आप राम लला की सुबह की आरती और साईं काल की आरती में शामिल हो सकते है. आपको सबसे पहले जन्मभूमि पथ पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अस्थाई कार्यालय पर जाना पड़ेगा. जहां आपको एक आईडी प्रूफ देना होगा. उसके बाद आप को एक पास दिया जायेगा. जिसके माध्यम से आप राम लला की आरती में शामिल हो सकते है.

जानिए क्या है राम लला की आरतीश्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।नवकंज लोचन, कंज मुख, कर कंज, पद कन्जारुणम॥कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम।पट पीत मानहु तड़ित रुचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्॥भजु दीनबंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्। रघुनंद आनंदकंद कौशलचंद दशरथ नन्दनम॥सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारू उदारु अंग विभुषणं। आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धुषणं।।इति वदति तुलसीदास शंकर-शेष-मुनि-मन-रंजनम्। मम् हृदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्॥मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सांवरों। करुना निधान सुजान सिलु सनेहु जानत रावरो॥एही भांति गौरी असीस सुनि सिय सहित हिय हरषी अलीतुलसी भवानी पूजि पुनि पुनि मुदित मन मंदिर चली॥जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि। मंजुल मंगल मूल बाम अंग फरकन लगेसियावर रामचंद्र की जय.
.Tags: Ayodhya News, Ayodhya ram mandir, Local18, Uttar Pradesh News HindiFIRST PUBLISHED : August 09, 2023, 14:23 IST



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