Uttar Pradesh

फसलों में दिख रहा है पीलापन तो इस कीट से ग्रसित हो सकती है आपकी फसल, समय रहते करें पहचान और उपचार



निखिल त्यागी/सहारनपुर. खेती किसानी में उगाई जाने वाली सब्जी या फलों के पौधों में मौसम परिवर्तन के हिसाब से बीमारियां आती है. विभिन्न प्रकार के कीट पैदा होकर पौधों को बीमार कर देते हैं. जिससे या तो पौधे का विकास रुक जाता है, या फिर उस पर उगने वाली फसल की गुणवत्ता निम्न स्तर की होती है. जनपद सहारनपुर के कृषि विशेषज्ञ डॉ इंद्र कुमार कुशवाह के अनुसार जिले में इस समय कुछ पौधों में पीलापन दिखाई दे रहा है. जो एक मिट्टी में जन्मे कीट की वजह से है.

कृषि विशेषज्ञ डॉ आई के कुशवाहा ने बताया कि जनपद में इस समय करेला, लौकी,कद्दू और अमरूद आदि के पौधों में पीलापन नजर आ रहा है. जिस के उपचार के लिए किसान रासायनिक पदार्थों का छिड़काव आदि कर रहे हैं. लेकिन यह बीमारी दूर नहीं हो रही है. इन पौधों में पीलेपन की वजह निमिटोड सीक कीट है. यह कीट पौधे की जड़ों में प्रवेश करता है और इसके असर से पौधे का विकास रुक जाता है. साथ ही इस कीट के कारण पौधे की पत्तियों में पीलापन आ जाता है. सहारनपुर में अत्यधिक वृक्षारोपण होता है. जिसके चलते यह कीट बाहर से पौधे की थैलियों में आ सकता है. जो एक खेत से दूसरे खेत में पहुंचकर काफी क्षेत्रफल को प्रभावित कर रहा है.

मिट्टी के अंदर होता है यह कीटकृषि विशेषज्ञ डॉ आई के कुशवाह ने बताया कि निमेटोड सीक नामक यह कीट मिट्टी के अंदर पैदा होता है, जो बहुत ही सूक्ष्म होता है. उन्होंने बताया कि लाखों की तादाद में पैदा होकर यह कीड़ा पौधे की जड़ों में प्रवेश करता है. इस कीड़े का मुंह सुई के आकार का होता है, जो पौधे की जड़ों को पंचर करता है और उसमें से रस चूस लेता है. जिसके कारण पौधे को पोषक तत्व नहीं मिल पाते और पौधा पीला होकर बीमार नजर आता है.

निमिटॉड कीट के लक्षण व उपचारडॉ आई के कुशवाह ने बताया कि यदि किसी किसान को अपनी फसल में पीलापन नजर आता है, तो सबसे पहले पौधे की जड़ को देखें. यदि पौधे की जड़ गुच्छे दार हो और उसमें गांठ पड़ी हुई है, तो यह निमिटोड कीट से ग्रसित होने का बड़ा लक्षण है. किसानों को इस कीट से बचाव के उपचार के लिए सुझाव देते हुए बताया कि जिस खेत में निमेटोड कीट का असर हो. उस खेत मे दो वर्ष तक गेंदे के फूल की खेती करनी चाहिए. गेंदे के पौधे की जड़ में इस तरह का स्राव होता है, जिससे निमिटोड कीट की वृद्धि नहीं हो पाती और धीरे-धीरे यह कीट जमीन के अंदर ही खत्म हो जाता है. दूसरा तरीका यह है कि खेत में नीम बिनौला व सरसों की खली को प्रति एकड़ 25 कुंटल डालने से भी इस कीट की रोकथाम हो सकती है. इसके अलावा हरी खाद खेत में डीकंपोज करने से भी निमिटोड कीट को रोका जा सकता है.
.Tags: Farming, Local18FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 17:14 IST



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