Zakir Hussain Death Cause: भारतीय संगीत की दुनिया के महान कलाकार, उस्ताद जाकिर हुसैन का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उन्होंने कुछ समय पहले तबीयत बिगड़ने के कारण अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां आईसीयू में उन्होंने अंतिम सांस ली.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस्ताद जाकिर हुसैन को दिल की बीमारी से लंबे समय से परेशान थे और हाल ही में उनकी दिल की धमनियों में रुकावट के कारण स्टेंट भी लगाया गया था. उनके एक नजदीकी व्यक्ति ने मीडिया में ये भी बताया है कि जाकिर हुसैन लंबे समय से बीपी की समस्या का सामना कर रहे थे.
बीपी बढ़ने पर क्या होता है?
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या दिल को कमजोर बनाती है. इसके कारण दिल को ब्लड पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे में हार्ट फेलियर, हार्ट अटैक, और स्ट्रोक का जोखिम बहुत अधिक बढ़ जाता है.
बीपी कंट्रोल न होने पर हो सकता है हार्ट ब्लॉकेज
हाई ब्लड प्रेशर को लंबे समय तक अनदेखा करने से हार्ट ब्लॉकेज का खतरा होता है.दरअसल, हाई ब्लड प्रेशर की वजह से नसों पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे नसें सिकुड़ने लगती हैं और ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं हो पाता है. ऐसे में ऑपरेशन करके हार्ट में स्टेंट डाला जाता है.
कितना जीते हैं बीपी के मरीज
एक स्टडी के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग नॉर्मल बीपी वाले लोगों की तुलना में कम समय तक जिंदा रहते हैं. हाई बीपी वाले पुरुषों की जीवन प्रत्याशा नॉर्मल बीपी वाले पुरुषों की तुलना में 5.1 वर्ष कम थी, और हाई बीपी रक्तचाप वाली महिलाओं की जीवन प्रत्याशा 4.9 वर्ष कम थी. ऐसा बीपी के कारण होने दिल की बीमारियों की गंभीरता के कारण होता है.
संगीत की दुनिया में बड़ी क्षति
उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, वह न केवल भारतीय शास्त्रीय संगीत के दिग्गज कलाकार थे, बल्कि उन्होंने अपनी कला से पूरी दुनिया में भारतीय संगीत को एक नई पहचान दी. उनकी तबला वादन की कला ने न केवल भारत, बल्कि विदेशों में भी संगीत प्रेमियों के दिलों को छुआ.
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