Uttar Pradesh

युवराज मौत केस में विजटाउन और लोटस ग्रीन पर एक्शन, जानिए क्यों 5 बिल्डरों पर दर्ज हुई दूसरी FIR

Last Updated:January 22, 2026, 00:04 ISTग्रेटर नोएडा युवराज मेहता की मौत के मामले में दोनों बिल्डरों के खिलाफ एक और मुकदमा बुधवार को दर्ज किया गया है. इस एफआईआर में कुल 5 लोग नामजद हैं. पर्यावरण संरक्षण, जल प्रदूषण निवारणअधिनियम के तहत नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराया है.नोएडा सेक्टर-150 में हादसे में बड़ा एक्शन.नोएडाः ग्रेटर नोएडा युवराज मेहता की मौत के मामले में दोनों बिल्डरों के खिलाफ एक और मुकदमा बुधवार को दर्ज किया गया है. इस एफआईआर में कुल 5 लोग नामजद हैं. पर्यावरण संरक्षण, जल प्रदूषण निवारणअधिनियम के तहत नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराया है. दर्ज की गई दूसरी एफआईआर में अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, निर्मल कुमार और अचल बोहरा को आरोपी के रूप में नामजद किए गए हैं. एफआईआर बीएनएस की धारा 15, 24 और 43 के तहत दर्ज की गई है. ये धाराएं प्रदूषण और पर्यावरण सुरक्षा मानकों का पालन न करने से संबंधित हैं.

क्या कहती हैं धाराएंधारा 15, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986: यह अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान करती है. इसमें आम तौर पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने या सरकारी नियमों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों के लिए जुर्माना, कारावास या दोनों का प्रावधान है.

धारा 24, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974: यह प्रदूषक पदार्थों (सीवेज या औद्योगिक अपशिष्ट) को नदियों, कुओं, सीवरों या भूमि में डालने पर रोक लगाती है. यह जल निकायों को प्रदूषित करने वाले उद्योगों या व्यक्तियों के विरुद्ध प्रयोग की जाने वाली एक मूलभूत धारा है.

सेक्शन 43- * जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 43: यह धारा धारा 24 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान करती है. इसमें जल स्रोतों को प्रदूषित करने के दोषी पाए जाने वालों के लिए कारावास और जुर्माने का प्रावधान है.

कैसे हुआ था हादसाबता दें कि गुरुग्राम में काम करने वाले युवराज मेहता 16 जनवरी की रात घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार सेक्टर-150 में एक निर्माण स्थल के पास पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई. कथित तौर पर करीब दो घंटे तक मदद की गुहार लगाने के बाद उनकी मौत हो गई. इस दौरान पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घने कोहरे के बीच उन्हें बचाने की कोशिश करती रहीं, जबकि उनके बेबस पिता राज कुमार मेहता अपनी आंखों के सामने इस त्रासदी को देखते रहे.About the AuthorPrashant Raiप्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ेंFirst Published :January 22, 2026, 00:04 ISThomeuttar-pradeshयुवराज मौत केस में विजटाउन और लोटस ग्रीन पर एक्शन, 5 बिल्डर हुए नामजद

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