Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश में छिपा हुआ था बांग्लादेशी, कोर्ट ने सुनाई ऐसी सजा, जिंदगी भर रखेगा याद

उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी रोहिंग्या की तलाश जारी

उत्तर प्रदेश में लगातार बांग्लादेशी रोहिंग्या की तलाश जारी है. अलग-अलग जिलों में पुलिस ऑपरेशन टॉर्च चला रही है. इसी कड़ी में लखनऊ पुलिस लगातार झुग्गी झोपड़ियां में बांग्लादेशी रोहिंग्या की तलाश कर रही है. वहीं नगर निगम में काम करने वाले सफाई कर्मचारी और जल निगम में काम करने वाले कर्मचारियों का भी आईडी कार्ड लगातार चेक किया जा रहा है. आधार कार्ड चेक किया जा रहा है.

लखनऊ पुलिस अब चौराहे पर भी चौक पर भी चेक कर रही है. जो भी लोग बाइक सवार या फिर अन्य लोग यहां से गुजरते हैं, जिन पर थोड़ा संदेह होता है उनका आधार कार्ड चेक करके उनसे सवाल जवाब किया जा रहा है. लखनऊ के 1090 चौराहे पर भी इसी तरीके का अभियान चलाया गया. बाइक पर जा रहे लोगों को रोका गया उनका आधार कार्ड चेक किया गया और जरूरी दस्तावेज भी देखेंगे. इसी दौरान जब चेक किया जा रहा था तब एक शख्स ऐसा भी मिला, जिसने अपनी स्कूटी पर एक नंबर डिलीट कर दिया था. ताकि उसके स्कूटी का कभी चालान ना हो पाए.

सिद्धार्थनगर में बांग्लादेशी को सजा

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में बिना वैध कागज़ात के रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 2 वर्ष 4 महीने कारावास व 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है. आरोपी अभियुक्त के विरुद्ध 14बी विदेशी अधिनियम थाना मोहाना में मुकदमा दर्ज किया गया था. गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सुकांत देवनाथ पुत्र रूबीन देवनाथ निवासी जनपद जसौर बांग्लादेश के रूप में हुई है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुभव कटिहार ने सजा सुनाई है. घटना मोहाना थाना क्षेत्र की है.

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