लखनऊः अंसार गजवा तुल हिंद से जुड़े दो आतंकियों को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को सजा सुनाई है. आर्म्स एक्ट के मामले में दोनों दोषियों को सजा सुनाई गई है. दोनों दोषियों को कोर्ट ने 20 महीने 29 दिन की सजा सुनाई है, साथ ही दोनों दोषियों पर कोर्ट ने 5-5 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया है.
मोहम्मद मुस्तकीम और शकील ने 3 नवंबर को कोर्ट में अर्जी देकर अपना जुर्म कबूल लिया था. मोहम्मद मुस्तकीम ने कोर्ट में अर्जी देकर कबूला कि उसने एक अवैध पिस्टल और कारतूस मिन्हाज को दिए थे. साल 2021 से चल रहे इस मामले में मुस्तकीम ने वही पिस्टल मिन्हाज को दी थी. ये पिस्टल शकील के पास भी रही थी. इसी पिस्टल को एटीएस ने आरोपियों से 11 जुलाई 2021 को बरामद किया था.
जुर्म स्वीकृति की अर्जी पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने जेल में बिताई अवधि का दंड सुनाया. मामले को फिर 11 जुलाई को एटीएस के इंस्पेक्टर सुशील सिंह ने गोमती नगर थाने में दर्ज कराई थी. 29 जुलाई 2021 को एनआईए ने दूसरी रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना शुरू की. जम्मू कश्मीर के आतंकियों ने लखनऊ के मिन्हाज से ऑनलाइन संपर्क किया था. मिन्हाज को अंसार गजवा तुल हिंद के लिए आतंकियों की भर्ती का आदेश मिला था. यूपी में आतंकी घटनाओं के लिए मिन्हाज मॉड्यूल तैयार कर रहा था.
अंसार गजवा तुल हिंद कश्मीर में काम करने वाला एक आतंकी संगठन है. साल 2017 में हिजबुल मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर जाकिर रशीद उर्फ जाकिर मूसा ने इसे शुरू किया था. इसके बाद इस संगठन में कई लोगों की भर्तियां हुईं. हालांकि दो साल बाद साल 2019 में भारतीय सेना ने जाकिर मूसा को मौत के घाट उतार दिया. इसके अलावा इससे जुड़े कुछ और आतंकियों को भी ढेर कर दिया गया. कमांडरों के मारे जाने के बाद ये संगठन कमजोर हो गया और इससे जुड़े लोग एक्टिव नहीं दिखे.

