Uttar Pradesh

यूपी का अनोखा चमत्कारी मंदिर, यहां भगवान राम ने किया था सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना, जानें मान्यता

Last Updated:March 12, 2025, 08:59 ISTAzamgarh Ram Mandir Shivling: यूपी के आजमगढ़ में भगवान राम और रामायण से जुड़े कई ऐसे स्थान आज भी मौजूद हैं, जो इस शहर के पौराणिकता और प्राचीन इतिहास को दर्शाता है. यहां तमसा नदी के किनारे लाल दिग्गी पर भगवान रा…और पढ़ेंX

प्रभु श्री राम द्वारा स्थापित शिवलिंगहाइलाइट्सआजमगढ़ में भगवान राम द्वारा स्थापित शिवलिंग है.लाल दिग्गी पर स्थित है प्राचीन राम मंदिर.मंदिर की देखरेख की कमी से खंडहर में तब्दील.आजमगढ़: यूपी के आजमगढ़ को ऋषियों की धरती कहा जाता है. यह शहर देश के प्राचीन शहरों में से एक है. जहां पर हिंदू और सनातन धर्म से जुड़े हुए कई पौराणिक एवं धार्मिक स्थल मौजूद हैं. यह शहर इतिहास के साथ-साथ धार्मिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. जिले में भगवान राम और रामायण से जुड़े कई ऐसे स्थान आज भी मौजूद हैं, जो इस शहर के पौराणिकता और प्राचीन इतिहास को दर्शाता है. इस तरह शहर के लाल दिग्गी पर भगवान राम का एक बेहद प्राचीन मंदिर है.

ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में भगवान श्री राम माता जानकी और भगवान लक्ष्मण ने अपनी वन यात्रा के समय वास किया था. इस मंदिर में एक वृहद आकार का शिवलिंग भी मौजूद है. ऐसी मान्यता है कि इस शिवलिंग की स्थापना प्रभु श्री राम के हाथों से हुई थी. प्राचीन समय से लेकर आज तक यह शिवलिंग यथा स्थान पर विराजमान है. प्राचीन मंदिर में मौजूद यह शिवलिंग अपने आप में बेहद अनोखा है.

सबसे बड़े आकार का शिवलिंग

इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह आसपास के शहरों और क्षेत्र में मौजूद सभी शिवलिंगों में सबसे बड़े आकार का शिवलिंग है. मंदिर के पुजारी हरिहर मिश्रा ने बताया कि प्रभु श्री राम ने अपनी वन यात्रा के दौरान आजमगढ़ पहुंचने के बाद इसी जगह पर प्रवास किया था. वह अपनी प्रजा को छोड़कर आगे की यात्रा करते हुए भारद्वाज ऋषि के आश्रम प्रयागराज पहुंचे थे. इन तथ्यों का जिक्र महर्षि वाल्मीकि के रामायण में भी मिलता है.

यहां विराजमान है पौराणिक विरासत

वर्तमान में शहर के मध्य में लाल डिग्गी इलाके के पास बसा हुआ रामघाट प्राचीन समय में तमसा नदी का किनारा हुआ करता था. समय के साथ-साथ तमसा नदी का विस्तार हुआ और यह जगह अब आबादी के क्षेत्र में तब्दील हो गई. वर्तमान में इस जगह की भौगोलिक स्थिति भले ही बदल चुकी है, लेकिन यहां की ऐतिहासिक और पौराणिक विरासत आज भी मौजूद है. इस घाट पर बना हुआ श्री राम जानकी मंदिर और प्रभु श्री राम द्वारा स्थापित शिवलिंग आज भी रामायण कालीन इतिहास को अपने अंदर संजोए हुए हैं.

खंडार में तब्दील होता इतिहास

समय के साथ यह प्राचीन मंदिर अब लगभग खंडहर के रूप में तब्दील हो चुका है. देखरेख और संरक्षण के अभाव में यह मंदिर समय के साथ-साथ अपनी पुरानी विरासत को भी खोता जा रहा है. हालांकि मंदिर के व्यवस्थापकों द्वारा अपनी निजी व्यवस्था के अनुसार मंदिर को संरक्षित करने के लिए समय-समय पर कार्य किया जाता रहा है, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी के कारण यह ऐतिहासिक मंदिर धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो चुका है. मंदिर के पास ही भक्तों के द्वारा नया श्री राम जानकी मंदिर का निर्माण कराया गया है. जहां श्रद्धालुओं के द्वारा दर्शन पूजन किया जाता है.
Location :Azamgarh,Uttar PradeshFirst Published :March 12, 2025, 08:59 ISThomedharmUP का चमत्कारी मंदिर, भगवान राम ने यहां किया था सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना

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