नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच इस वक्त भयंकर युद्ध चल रहा है. रूस यूक्रेन के ऊपर काफी हावी नजर आ रहा है और धीरे-धीरे कर वो इस छोटे से देश पर अपना कब्जा जमा रहा है. लेकिन रूस को अपने इस फैसले से पूरी दुनिया में काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. रूस को खेल जगत से एक बड़ा झटका लगा है और उनसे बड़े टूर्नामेंट्स की मेजबानी छिन रही है.
बुरी तरह फंसा रूस
यूक्रेन संकट को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के कार्यकारी बोर्ड (ईबी) ने सभी अंतर्राष्ट्रीय संघों (आईएफ) को रूस या बेलारूस में वर्तमान में नियोजित अपने खेल आयोजनों को स्थानांतरित करने या रद्द करने के लिए कहा है. उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा, ‘कोई रूसी या बेलारूसी राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाएगा और कोई रूसी या बेलारूसी गान अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में नहीं बजाया जाएगा, जब तक कि समस्या हल नहीं हो जाती.’
रूस की हुई कड़ी निंदा
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के कार्यकारी बोर्ड (ईबी) ने शुक्रवार को रूसी सरकार और बेलारूस की सरकार द्वारा इसके समर्थन के माध्यम से ओलंपिक के उल्लंघन की कड़ी निंदा की. आईओसी ने एक बयान में कहा, ‘आईओसी ईबी आज सभी अंतर्राष्ट्रीय खेल संघों से रूस या बेलारूस में वर्तमान में नियोजित अपने खेल आयोजनों को स्थानांतरित करने या रद्द करने का आग्रह करता है. उन्हें रूसी और बेलारूसी सरकारों द्वारा ओलंपिक के उल्लंघन को ध्यान में रखना चाहिए और एथलीटों को सुरक्षा देनी चाहिए.’
IOC ने दिए आदेश
आईओसी ने आदेश दिया, ‘इसके अलावा आईओसी ईबी आग्रह करता है कि कोई भी रूसी या बेलारूसी राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाए और कोई भी रूसी या बेलारूसी गान अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में नहीं बजाया जाए, जो पहले से ही रूस के लिए संबंधित विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी प्रतिबंधों का हिस्सा नहीं हैं.’ आईओसी ईबी ने आगामी पैरालंपिक शीतकालीन खेलों बीजिंग 2022 के लिए अंतर्राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी) को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया.
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