ये डलिया फर्रुखाबाद की पहचान बन चुकी है.यहां के कारीगर सैकड़ो बरसों से इसे बनाते आ रहे हैं.कमालगंज क्षेत्र के कई ऐसे गांव है जहां पर ग्रामीण इस लकड़ी से कारीगरी करके अपना गुजारा करते हैं.
हरी टैक्स की वसूली फास्टैग के माध्यम से नागरहोल टाइगर रिजर्व के डी.बी.कुप्पे रेंज में शुरू हो गई
मैसूर जिले के एचडी कोटे में नागरहोल नेशनल पार्क, एक टाइगर रिजर्व, के यात्रियों के लिए उडबूर गेट…
