02 यह वृक्ष 20 मीटर तक ऊंचा हो सकता है और इसमें चमकदार, हरे पत्तों की घनी, गोल छतरी होती है. इसे संस्कृत में पुत्रंजीव, गर्भकर, कुमारजीव आदि नामों से भी जाना जाता है. इसको लगाने से पर्यावरण शुद्ध होता है तो वहीं घर में छाया भी रहती है.
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मुंबई: सुवेंदु आदिकारी के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता…

