India vs Australia: ऑस्ट्रेलिया ने भारत को पांच मैचों की हाईप्रोफाइल बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज में 3-1 से हरा दिया. 10 साल में पहली बार भारत को ऑस्ट्रेलिया ने बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज में हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है. इस नतीजे से भारतीय क्रिकेट टीम के फैंस के होश उड़ गए हैं. भारत की प्लेइंग इलेवन में कई धुरंधर क्रिकेटर्स मौजूद रहे, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सामने घुटने टेक दिए. रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, ऋषभ पंत और केएल राहुल जैसे बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को अपने ऊपर हावी होने दिया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज में भारत को 3 दिग्गज क्रिकेटर्स की कमी खली. अगर ये 3 क्रिकेटर्स टीम में खेल रहे होते तो भारत नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया 3-1 से हारता. भारतीय टीम मैनेजमेंट ने इन 3 क्रिकेटर्स को नहीं चुनकर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने का काम किया है.
1. चेतेश्वर पुजारा
चेतेश्वर पुजारा अगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में खेल रहे होते तो भारत नहीं बल्कि कंगारू टीम 3-1 से हारती. चेतेश्वर पुजारा ऑस्ट्रेलियाई हालात में कंगारू तेज गेंदबाजों को खेलने में माहिर बल्लेबाज हैं. चेतेश्वर पुजारा अगर इस टेस्ट सीरीज में खेल रहे होते तो वह कंगारू तेज गेंदबाजों को नहीं बख्शते. चेतेश्वर पुजारा अपनी अनुशासित और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी शैली के लिए जाने जाते हैं, जिसके दम पर वह एक दशक से भी अधिक समय तक भारतीय टेस्ट टीम का अभिन्न अंग बने रहे. चेतेश्वर पुजारा को टीम इंडिया की दीवार कहा जाता है. चेतेश्वर पुजारा इस टेस्ट सीरीज में पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और स्कॉट बोलैंड जैसे तेज गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाकर रख सकते थे. चेतेश्वर पुजारा ने भारत के लिए अभी तक 103 टेस्ट मैच खेलते हुए 43.61 की औसत से 7195 रन बनाए हैं. चेतेश्वर पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट में 19 शतक और 35 अर्धशतक लगाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में चेतेश्वर पुजारा का बेस्ट स्कोर 206 रन है. टीम इंडिया की भलाई के लिए सेलेक्टर्स को नंबर-3 पर चेतेश्वर पुजारा की वापसी करवानी चाहिए. चेतेश्वर पुजारा के आने से भारत का मिडिल ऑर्डर मजबूत हो जाएगा. भारत ने 2018-19 और 2020-21 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचा था. भारत की इन दोनों ही सीरीज जीतों में चेतेश्वर पुजारा का बड़ा रोल रहा था.
2. अजिंक्य रहाणे
अजिंक्य रहाणे ऑस्ट्रेलियाई धरती पर खतरनाक से खतरनाक तेज गेंदबाजों को खेलने का अनुभव रखते हैं. अजिंक्य रहाणे को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मौका नहीं देकर भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने का काम किया है. अजिंक्य रहाणे ऐसे बल्लेबाज हैं जो मुश्किल हालात में भी क्रीज पर खूंटा गाड़कर खड़े रहते हैं और रन बनाते हैं. अजिंक्य रहाणे ने टीम इंडिया के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर खेला था. अजिंक्य रहाणे भारत के लिए अभी तक 85 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 38.46 की औसत से 5077 रन बनाए हैं. अजिंक्य रहाणे ने अपने टेस्ट करियर में 12 शतक और 26 अर्धशतक लगाए हैं. भारतीय टीम मैनेजमेंट को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए अजिंक्य रहाणे को वापस बुलाना चाहिए था. अजिंक्य रहाणे अगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में खेलते तो भारत नहीं बल्कि कंगारू टीम 3-1 से हारती. अजिंक्य रहाणे ने अपनी कप्तानी में भारत को 2020-21 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर 2-1 से टेस्ट सीरीज जिताई थी. तत्कालीन कप्तान विराट कोहली उस दौरे पर एडिलेड में पिंक बॉल टेस्ट मैच खेलने के बाद अपनी बेटी के जन्म के कारण भारत लौट आए थे.
3. मोहम्मद शमी
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को मौका नहीं देकर भारतीय टीम मैनेजमेंट ने बड़ी गलती कर दी. मोहम्मद शमी ने हमेशा से ही ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए अपने बेहतरीन प्रदर्शन से चर्चा लूटी है. मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की जोड़ी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए काल बन जाती. जसप्रीत बुमराह को छोड़ दिया जाए तो इस पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत के बाकी तेज गेंदबाज बेहद औसत दर्जे के नजर आए. सबसे ज्यादा निराश मोहम्मद सिराज ने किया है. मोहम्मद सिराज ने इस सीरीज में 16 विकेट भले ही लिए, लेकिन उन्होंने 503 रन भी लुटा दिए. पूरी सीरीज में सिर्फ जसप्रीत बुमराह ने ही भारतीय टीम का बोझ अपने कंधो पर उठाए रखा. जसप्रीत बुमराह ने इस बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा 32 विकेट हासिल किए हैं. मोहम्मद शमी को अगर इस टेस्ट सीरीज के लिए चुना जाता तो तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को जबरदस्त सपोर्ट मिलता. मोहम्मद शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट हासिल किए हैं. मोहम्मद शमी इसके अलावा निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए ताबड़तोड़ अंदाज में छक्के भी जड़ते हैं. मोहम्मद शमी निचले क्रम में बल्लेबाजी से मैच का रुख भी पलटने में माहिर हैं. मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट में 25 छक्के ठोके हैं. मोहम्मद शमी अगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में खेल रहे होते तो भारत नहीं बल्कि कंगारू टीम 3-1 से हारती.
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